किसान मवेशी को खिला रहे पत्ता गोभी

बंदरा : एक रुपये किलो में भी अभी पत्ता गोभी के खरीदार नहीं मिल रहे हैं. किसानों के अरमानों की फसल पत्ता गोभी इस बार किसानों को दगा दे गयी है, जो किसान इसे बेचकर महाजन के पैसे वापस करने के बाद घर बनाने का सपना देख रहे थे. आज उसे वह मवेशी को खिला […]

बंदरा : एक रुपये किलो में भी अभी पत्ता गोभी के खरीदार नहीं मिल रहे हैं. किसानों के अरमानों की फसल पत्ता गोभी इस बार किसानों को दगा दे गयी है, जो किसान इसे बेचकर महाजन के पैसे वापस करने के बाद घर बनाने का सपना देख रहे थे. आज उसे वह मवेशी को खिला रहे हैं.
बाजार में पत्ता गोभी एक सौ रुपये क्विंटल बिक रहा है जबकि इसका उत्पादन लागत आठ सौ रुपये क्विंटल से अधिक है. किसान माथा पीट रहे हैंं. अपनी फसल को मवेशी को खिला रहे हैं. सुंदरपुर रतवारा के किसान मधुकर प्रसाद ने मौसम अनुकूल होने और पिछले वर्ष अच्छे दाम मिलने के कारण इस वर्ष चार बीघा में पत्ता गोभी की फसल लगायी थी.
मौसम अनुकूल होने के वजह से बंपर उत्पादन हुआ. शुरू में कीमत भी अच्छी मिली. पिछले 15 दिनों से इसकी कीमत गिरनी शुरू हुई तो यह सौ रुपये क्विंटल पर आ पहुंची. इससे गोभी कटाई की मजदूरी व बाजार पहुंचाने का किराया भी नहीं निकल पा रहा है. मधुकर प्रसाद बताते हैं कि 50 हजार रुपये प्रति बीघा गोभी की लागत आती है. बेहतर फसल होने पर एक बीघा में लगभग 120 क्विंटल तक की उपज होती है.
चार बीघा में गोभी की खेती की थी. इसमें एक बीघा की गोभी बढ़िया दाम पर बिक गई. उसके बाद रेट गिरना शुरू हो गया. तीन बीघा में लगा फसल जब तैयार हुआ है तो दाम नहीं है. एक बीघा में लगी फसल को काट कर मवेशी को चारा के रूप में खिला दिया, लेकिन ढाई बीघा में फसल लगी हुई है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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