मुजफ्फरपुर : विद्यालय में काम कर रही रसोइया को नीतीश सरकार बंधुआ मजदूर बना कर रखी हुई है. सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक विद्यालय में खाना बना कर बच्चों को खिलाया जाता है. इसके एवज में उन्हें महज 1250 रुपये की मजदूरी मिलती है. इसके खिलाफ प्रखंड से लेकर जिला मुख्यालय तक आंदोलन चलाया जायेगा.
यह बातें शनिवार को राज्यव्यापी हड़ताल के दूसरे दिन डीएम कार्यालय के समीप आयोजित धरना को में बिहार राज्य विद्यालय रसोइया संघ के जिला सचिव परशुराम पाठक ने कही.
अन्य वक्ताओं ने कहा कि रसोइयों काे इपीएफ का लाभ, महिला रसोइयों को मातृत्व का अवकाश व अन्य अवकाश, रसोइयों को नियुक्ति पत्र दिया जाये. साथ ही रसोइयों के बकाये मानदेय का अविलंब भुगतान किया जाये. सरकार की बनायी गयी चौधरी समिति की रिपोर्ट में रसोइयों को भी शामिल किया जाये. मौके पर जिलाध्यक्ष शारदा देवी, जिला सचिव तैय्यब अंसारी, शर्मिला देवी, रंजू देवी, कोमल देवी, होरिल राय, मुकेश कुमार, सुधा देवी आदि मौजूद थे. धरना प्रदर्शन के बाद 11 सूत्री मांगों का ज्ञापन डीएम को सौंपा गया.
