मुजफ्फरपुर : ..आबिद ने कैद खाने को मस्जिद बना दिया

मुजफ्फरपुर : इमाम हुसैन के बेटे सज्जाद अलैहे सलाम की याद में शनिवार को आजाद रोड स्थित जाफरिया कैंपस में मजलिस का आयोजन किया गया. इसमें पेशखानी मुबारक जलालपुरी, पैशन जलालपुरी, सेयाल जलालपुरी व जाहिद हुसैन शमशाद भागलपुरी ने किया. निजामत उत्तराखंड से आये मौलाना नदीम चैनपुरी ने किया. मजलिस को खेताब ब्रह्मपुरा शिया मस्जिद […]

मुजफ्फरपुर : इमाम हुसैन के बेटे सज्जाद अलैहे सलाम की याद में शनिवार को आजाद रोड स्थित जाफरिया कैंपस में मजलिस का आयोजन किया गया.

इसमें पेशखानी मुबारक जलालपुरी, पैशन जलालपुरी, सेयाल जलालपुरी व जाहिद हुसैन शमशाद भागलपुरी ने किया. निजामत उत्तराखंड से आये मौलाना नदीम चैनपुरी ने किया. मजलिस को खेताब ब्रह्मपुरा शिया मस्जिद के इमाम मौलाना वकार अहमद रिजवी गोपालपुरी इमाम ने किया. उन्होंने कहा कि कर्बला हक व बातिल की जंग थी.

इमाम हुसैन रसूले खुदा के नवासे थे. उन्होंने बादशाह यजीद का बयत लेने से इनकार कर दिया. इमाम हुसैन ने उसका बयत नहीं मान कर यह संदेश दिया कि कभी भी बुराई के सामने झूको नहीं. इमाम हुसैन दो मुहर्रम को करबला पहुंचे. दस मुहर्रम को जंग हुई. 11 मुहर्रम को उनके बेटे सैयदे सज्जाद को कैद कर शाम-ए-कूफा लाया गया. इसके बाद फिर सज्जाद को जहर दिया गया. इससे उनकी शहादत हुई. खेताब के बाद ताबूत का जुलूस निकाला गया.

इसमें नोहाखानी बनारस के अंजुमने जाफरिया कदीम, जलालपुर के अंजुमने नूरे इस्लाम, ब्रह्मपुरा के अंजुमने कारवाने केशा व अंजुमने जाफरिया ने नोहाखानी की. नोहाखानी के शेर मैदाने बंदगी का मुजाहिद बना दिया, दीवार औ दर को भी साजिद बना दिया, आती है जर्रे-जर्रे से अलहम्द की सदा, आबिद ने कैद खाने को मस्जिद बना दिया सुन कर आंखें गमगीन हो गयीं. सुना कर लोगों को मुग्ध कर दिया. मौके पर सैयद वारिस हुसैन गूल्लू, मिर्जा नकी इमाम, जॉनी, अकील हैदर शहंशाह, मिर्जा मेहदी अब्बास, पप्पू मिर्जा, सैयद मासूम हुसैन, सैयद हैदर अली बाबू, सैयद अकील अली अप्पू, अब्बास यावर मुख्य रूप से मौजूद थे.

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