मड़वन : दो दिनों से लापता हार्डवेयर व्यवसायी जयप्रकाश नारायण का शव मंगलवार को एनएच 102 के किनारे मिला. उनके शरीर पर तीन गोलियों के निशान हैं. सूचना मिलते ही करजा पुलिस मौके पर पहुंची. हत्या से आक्रोशित लोगों ने थोड़ी देर के लिए सड़क जाम कर दिया.
हालांकि पुलिस ने परिजनों को समझा बुझा कर शव को पोस्टमार्टम के लिए एसकेएमसीएच भेज दिया. मृतक के पिता रामपुकार भगत का कहना है कि उनके पुत्र की हत्या दुश्मनी में की गयी है. उन्होंने डेढ़ करोड़ फिरौती मांगे जाने से इनकार किया है. पुलिस पूरे मामले की छानबीन में जुटी है.
रामपुकार भगत रिटायर्ड शिक्षक हैं. वह मूल रूप से करजा थाना के खलीलपुर गांव के हैं. उनका पुत्र जयप्रकाश नारायण हार्डवेयर व्यवसायी था. उनकी करजा चौक पर दुकान है. 30 सितंबर की सुबह 8.30 बजे जयप्रकाश के मोबाइल पर एक फोन आया कि जमीन की बात पक्का कर लीजिए. उन्होंने अपनी पत्नी से कहा कि अख्तियारपुर के पास एक जमीन देखने जा रहे हैं. वह बुलेट बाइक से निकल गये. उसके बाद पत्नी से बात हुई तो कहा कि वह मशीन खरीदने पटना जा रहा हैं.
तीसरी बार फोन करने पर कहा कि लेट होगा. अगले दिन दुकान पर ही सीधा चला जाऊंगा. एक अक्तूबर को उन्होंने दुकान के स्टाफ से भगवानपुर के पास चेक बुक मंगाया. एक बाइक सवार युवक भामा साह द्वार के निकट चेक लेने आया. डेढ़ करोड़ के चार चेक लेकर अपहर्ताआें ने बैंक से निकासी करनी चाही, लेकिन खाते में मात्र 44 हजार रुपये थे. मृतक के पिता का कहना है कि एक मोबाइल नंबर से लगातार जयप्रकाश से बातचीत हुई है. वह नंबर बंद है.
मैं जो कुछ बोलूंगा, एसएसपी साहब को बोलूंगा
रामपुकार भगत ने कहा कि मेरे पुत्र की हत्या फिरौती के लिए नहीं, दुश्मनी में की गयी है. मैं जो कुछ बोलूंगा, अब एसएसपी साहब के सामने बोलूंगा. मेरी बात उनसे हुई थी. वह जानते हैं कि मेरे पुत्र को किसने मारा. पुलिस बारीकी से पूरे मामले की जांच करे.
