प्राचार्य को नौ घंटे तक कमरे में बंद रखा, अंक पत्र लेकर छोड़ा

मुजफ्फरपुर : मार्क्सशीट और सीएलसी के लिए एलएन मिश्र कॉलेज के बीएड (सत्र 2015-17) के छात्रों ने गुरुवार को कॉलेज में जमकर हंगामा किया. दोपहर करीब 11.30 बजे से रात नौ बजे तक प्राचार्य को चेंबर में बंद रखा. इसके बाद उन्हें मार्क्सशीट मिली. साथ ही 15 अक्टूबर तक एसएलसी देने का आश्वासन भी दिया […]

मुजफ्फरपुर : मार्क्सशीट और सीएलसी के लिए एलएन मिश्र कॉलेज के बीएड (सत्र 2015-17) के छात्रों ने गुरुवार को कॉलेज में जमकर हंगामा किया. दोपहर करीब 11.30 बजे से रात नौ बजे तक प्राचार्य को चेंबर में बंद रखा. इसके बाद उन्हें मार्क्सशीट मिली. साथ ही 15 अक्टूबर तक एसएलसी देने का आश्वासन भी दिया गया. छात्राें ने रात नौ बजे मार्क्सशीट लेने के बाद प्राचार्य को मुक्त कर दिया.
दोपहर एक बजे करीब 20 से 25 छात्र कॉलेज पहुंचे और प्राचार्य से मार्क्सशीट व कॉलेज लिविंग सर्टिफिकेट मांगने लगे. इस पर वहां मौजूद कर्मचारियों ने बकाया 35 हजार रुपये की मांग की. इसके बाद छात्रों ने विरोध शुरू कर दिया. प्राचार्य प्रो एआर खान को उनके चेंबर में बंद कर दिया और गेट में बाहर से ताला लगा दिया. छात्र दूसरे विभागों में भी जाकर उसे बंद कराने लगे. इस बीच एमबीए विभाग के कर्मचारी पहुंचे और छात्रों को प्राचार्य के कमरे का ताला खोलने को कहा. इस पर दोनों पक्षों में नोकझोंक होने लगी. छात्रों ने कर्मचारियों को घेर लिया और धक्का-मुक्की शुरू हो गई.
रजिस्ट्रार का पत्र लेकर आये थे छात्र
हंगामा कर रहे छात्र विवि के रजिस्ट्रार कर्नल अजय कुमार राय का एक पत्र लेकर आये थे, जिसमें उन्होंने कॉलेज को एक लाख रुपये लेने का निर्देश दिया था. छात्रों का कहना था कि जब विवि प्रशासन ने एक लाख रुपये लेने का निर्देश दे दिया, तो बीएड कॉलेज इसे क्यों नहीं मान रहा. हाईकोर्ट ने भी इस सत्र का फीस नहीं बढ़ाया है.
पुलिस से भी नोकझोंक
हंगामे की सूचना पर सदर पुलिस काॅलेज पहुंची. बातचीत के दौरान छात्रों की पुलिस से हल्की नोकझोंक हुई. पुलिस ने कॉलेज के प्राचार्य से बात की, लेकिन बात नहीं बनी. कुछ देर बात सदर पुलिस दोबारा आयी और छात्रों से सात दिन का समय मांगा, लेकिन छात्र तैयार नहीं हुए. शाम छह बजे पुलिस फिर कॉलेज पहुंची और प्राचार्य को बाहर निकालने का प्रयास किया.
प्राचार्य ने कहा, गलत नहीं ले रहे पैसे
कॉलेज के प्राचार्य प्रो एआर खान ने कहा कि कॉलेज कोई गलत पैसा नहीं ले रही. दाखिला के समय इन छात्रों ने लिख कर दिया था कि परीक्षा के बाद फीस संबंधी जो भी फैसला होगा, वह मान्य होगा. विवि ने जब प्राॅस्पेक्टस निकाला था, तब फीस एक लाख 35 हजार रुपये थी. इसके बाद मामला हाईकोर्ट में गया. 100 में 46 छात्रों ने पूरी फीस दे दी है. छात्रों ने 18 तारीख को फिर हाईकोर्ट में अपील की है. इस बीच रजिस्ट्रार ने पत्र निकाल दिया. पत्र छात्रों ने ही दिया है, हमें प्राप्त नहीं हुआ है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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