मुजफ्फरपुर : नालंदा ओपेन यूनिवर्सिटी की ओर से रविवार को आयोजित बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा में कई केंद्रों पर देर से पहुंचे परीक्षार्थियों ने जम कर हंगामा किया. विवि के परीक्षा भवन व एमडीडीएम कॉलेज के बाहर परीक्षा शुरू होने के बाद भी परीक्षार्थी जमे रहे. परीक्षा भवन में 10 मिनट बाद दर्जनों परीक्षार्थियों को प्रवेश मिल सका, जबकि एमडीडीएम कॉलेज में किसी को भी अंदर नहीं जाने दिया गया. इस दौरान हंगामे को देखते हुए केंद्रों के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गयी. अन्य केंद्रों पर शांतिपूर्ण ढंग से परीक्षा संपन्न हुई. शहर के नौ केंद्रों पर प्रवेश परीक्षा हुई. राजभवन के अपर सचिव व स्पेशल ऑब्जर्वर संजीव कुमार सिंह, कुलपति डॉ अमरेंद्र नारायण यादव व डीएम मो सोहैल ने परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया.
सुबह नौ बजे से परीक्षा शुरू हुई, जिसके लिये परीक्षार्थियों को 8.50 बजे तक ही प्रवेश करना था. विवि परीक्षा भवन में दर्जनों परीक्षार्थी नौ बजे के बाद पहुंचे और अंदर जाने के लिए दबाव बनाने लगे. कुलपति डाॅ अमरेंद्र नारायण यादव को भी परीक्षार्थियों ने घेर लिया. केंद्र पर तैनात ऑब्जर्वर ने समय का हवाला देते हुए परीक्षार्थियों को अंदर जाने से रोक दिया. इसके बाद अधिकारियों के निर्देश पर छात्रों को प्रवेश मिल सका.
इधर, एमडीडीएम कॉलेज पर सुबह नौ बजे के बाद दर्जनों परीक्षार्थी पहुंचे, जबकि पहले ही गेट बंद हो चुका था. धीरे-धीरे परीक्षार्थियों की संख्या बढ़ने लगी. केंद्र पर तैनात दंडाधिकारी व पुलिस बल ने विलंब से आनेवाले परीक्षार्थियों के प्रवेश पर रोक लगा दी. इसके बाद परीक्षार्थी आक्रोशित हो गये और अंदर जाने के लिये दबाव बनाने लगे. हालांकि, केंद्राधीक्षक ने किसी को भी प्रवेश देने से इंकार कर दिया. गेट के बाहर परीक्षार्थियों के हंगामे की खबर पर सुपर ऑब्जर्वर, प्रतिकुलपति व कुलपति केंद्र पर पहुंच गये और परीक्षार्थियों को समझाकर शांत कराया गया. बीएड प्रवेश परीक्षा के लिए एलएस कॉलेज, रामवृक्ष बेनीपुरी महिला महाविद्यालय, एमडीडीएम कॉलेज, एलएनटी कॉलेज, सोशल साइंस ब्लॉक, लैंग्वेज ब्लॉक, डीएवी मालीघाट, डॉल्फिन पब्लिक स्कूल सहित नौ केंद्रों परीक्षा हुई.
कई केंद्रों पर फुल शर्ट व जूता पहनकर पहुंचे परीक्षार्थी : कई केंद्रों पर परीक्षार्थियों को फुल शर्ट व जूता पहनकर ही प्रवेश मिल गया. लड़कियों को भी फुल बाजू का शूट पहनकर परीक्षा में शामिल कर लिया गया. नालंदा ओपेन यूनिवर्सिटी ने परीक्षार्थियों के लिये जारी दिशा-निर्देश में इस पर रोक लगायी थी. लेकिन, केंद्रों पर इसकी अनदेखी कर दी गयी. विवि परीक्षा भवन में बाहर ही लड़कों का जूता उतरवा दिया गया था.
‘दुनिया का सबसे असुरक्षित देश’ पर अटके कई परीक्षार्थी: 2018 की रैंकिंग के अनुसार कौन सा देश सबसे ज्यादा असुरक्षित है? इस सवाल ने कई परीक्षार्थियों को मुश्किल में डाल दिया.
विकल्प के रूप में सिंगापुर, वेनेजुएला, अफगानिस्तान व पाकिस्तान का नाम दिया गया था. कई परीक्षार्थियों ने अफगानिस्तान या पाकिस्तान के आगे निशान लगा दिया, लेकिन वे जवाब को लेकर दुविधा में थे. बता दें कि पिछले महीने ही थॉमस रायटर्स फाउंडेशन ने सर्वे रिपोर्ट जारी की है, जिसमें महिलाओं के लिए सबसे असुरक्षित देश भारत को बताया है. इसमें अफगानिस्तान को दूसरे व सीरिया को तीसरे स्थान पर रखा गया है. इसी तरह पिछले साल वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम ने ग्लोबल ट्रैवल एंड टूरिज्म रिपोर्ट जारी की थी, जिसमें कोलंबिया को सबसे असुरक्षित देश बताया गया है.
बदले पैटर्न से परीक्षार्थियों की बढ़ी मुश्किलें
सूबे में पहली बार बीएड में एडमिशन के लिए संयुक्त प्रवेश परीक्षा आयोजित की गयी थी, जिसके प्रश्नपत्र का पैटर्न भी बदला हुआ था. विवि परीक्षा भवन से निकले अंकित ने बताया कि नये पैटर्न पर प्रश्नपत्र तैयार किया गया था, थोड़ी दिक्कत हुई. एलएस कॉलेज में परीक्षा देने वाली रागिनी रानी का कहना था कि हिंदी के सवाल थोड़े कठिन थे. बाकी सवालों का जवाब देने में कोई दिक्कत नहीं हुई. प्रवेश परीक्षा में 120 प्रश्न पांच विषयों से पूछे गये थे. इसमें सामान्य अंग्रेजी, सामान्य हिंदी, रीजनिंग, जनरल अवेयरनेस व विद्यालयों में शिक्षण व ज्ञान का वातावरण पर आधारित थे. इसके लिये दो घंटे का समय दिया गया. सभी प्रश्न ऑब्जेक्टिव टाइप के थे.
