विद्यार्थी परिषद ने विश्वविद्यालय के बाहर किया सामूहिक राष्ट्रगान का आयोजन
मुंगेर.
मुंगेर विश्वविद्यालय में 13 फरवरी को आयोजित सीनेट की बैठक के दौरान कुलपति व कुलसचिव द्वारा राष्ट्रगान के कथित अपमान की घटना पर अब अभाविप छात्र नेता पूरी तरह आंदोलन के मूड में है. राष्ट्रगान के अपमान के विरोध में विद्यार्थी परिषद के नेताओं ने सोमवार को विश्वविद्यालय के बाहर सामूहिक राष्ट्रगान कार्यक्रम का आयोजन किया. यहां राष्ट्रगान के बाद छात्र नेताओं ने जहां हुआ राष्ट्रगान का अपमान, वहीं करेंगे हम उसका सम्मान के नारे भी लगाये.कार्यक्रम का आयोजन विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय कला मंच नगर प्रमुख राज अभिजीत कुमार के नेतृत्व में किया गया. इसमें शिक्षक, कर्मचारी, छात्र-छात्राओं ने एकजुट होकर पूरे नियमावली के साथ राष्ट्रगान गाया. नगर मंत्री सचिन कुमार ने कहा कि राष्ट्रगान के प्रति कुलपति अपने और कुलसचिव के कुकृत्य को छात्र संगठनों के विरोध प्रदर्शन से जोड़ने का असफल प्रयास न करें. विद्यार्थी परिषद ने 12 फरवरी को सीनेट बैठक के विरोध की घोषणा कर दी थी. उन्होंने कहा कि कुलपति के नेतृत्व में मुंगेर विश्वविद्यालय अकादमिक शिथिलता एवं भ्रष्टाचार का चारागाह बना हुआ है.
कुलसचिव ने खुद अपने ऊपर धूल फेंकवाया : सीनेट सदस्य
सिंडिकेट सदस्य भारत सिंह जोशी ने कहा कि विश्वविद्यालय के एक सम्मानित सीनेटर ने पेमेंट गेटवे द्वारा अधिक राशि वसूलने व मूल्यांकन के लिए परीक्षा पुस्तिका के कोडिंग के नाम पर लाखों के भुगतान का मामला प्रकाश में लाया गया. ऐसे में विश्वविद्यालय कोडिंग के लिए की गयी टेंडर प्रक्रिया के सभी दस्तावेज उपलब्ध कराएं कि उक्त काम में कोई भ्रष्टाचार नहीं हुआ है. जहां तक सवाल कुलसचिव पर धूल फेंकने का है तो इसमें क्या साक्ष्यों विश्वविद्यालय के पास है कि यह कार्य अभाविप छात्र नेताओं द्वारा किया गया है. उन्होंने कहा कि सच तो यह है कि अभाविप के विरोध प्रदर्शन को बदनाम करने के लिए कुलसचिव ने खुद व्यक्तिगत छात्र से अपने ऊपर धूल फेंकवाया, जो उपलब्ध तस्वीरों और वीडियो में साफ देखा जा सकता है. उक्त छात्र का परिषद से कोई लेना-देना नहीं है.
कुलसचिव अभाविप नेताओं पर लगा रहे गलत आरोप
डीजे कॉलेज अध्यक्ष अंकित कुमार ने कहा कि छात्रों के विरोध को देखते हुए उनसे वार्ता न करके कुलपति ने अपने प्रशासन के भ्रष्टाचारी होने का स्वयं प्रमाण दिया है. कुलसचिव के भ्रष्टाचार को छुपाने के लिए एबीवीपी पर अनर्गल बयानबाजी विश्वविद्यालय बंद करे. एबीवीपी के उठाये सभी प्रश्नों का उत्तर देना चाहिए, परन्तु उसके लिए नैतिक आत्मबल, ईमानदारी, संस्थानिक कर्मठता व राष्ट्रीय प्रतीकों के लिए सम्मान और आदर का भाव होना चाहिए. जिसकी घोर कमी कुलपति और कुलसचिव द्वारा राष्ट्रगान के अपमान के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर परिलक्षित हो चुका है. मौके पर विभाग संगठन मंत्री पशुपतिनाथ उपमन्यु, कौशल कुमार, बबन कुमार सहित दर्जनों छात्र-छात्राएं मौजूद थे.
