वर्ष 2020 के मार्च माह में दुलारपुर, बैजलपुर और तेघड़ा में भी हुई थी कौवे की मौत
हवेली खड़गपुर. प्रखंड के तेघड़ा गांव में रविवार को अचानक आधा दर्जन कौओं की मौत की खबर के बाद ग्रामीण बर्ड फ्लू की आशंका से परेशान हैं. ग्रामीणों के अनुसार पिछले 10-15 दिनों से तेघड़ा गांव के एक बगीचा में कौओं की लगातार मौत हो रही है, लेकिन इससे पशुपालन विभाग की टीम अनभिज्ञ है और ग्रामीण किसी अनहोनी से डरे सहमे हुए हैं.हालांकि पहली बार ऐसा वाकया नहीं है, बल्कि पिछले कई वर्षों से तेघड़ा गांव स्थित उमाशंकर पासवान के बगीचा और आसपास के क्षेत्र में कौओं की मौत होती रही है. पिछले वर्ष भी कौओं की मौत के बाद पशुपालन विभाग हरकत में आयी थी. लगातार हो रही कौओं की मौत की जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि आखिर कौओं की मौत की वजह क्या है. जानकारी हो कि वर्ष 2020 के मार्च माह में प्रखंड के बैजलपुर, तेघड़ा और दुलारपुर गांव में भी दर्जनों कौओं के मृत पाए जाने के बाद विभाग हरकत में आया था. जानकार बताते है कि आम के मंजर और फसलों में कीटनाशक दवाइयों के छिड़काव के बाद कीट पतंग को खाने के क्रम में अधिकतर कौओ की मौत हुई थी. तब भी बर्ड फ्लू होने की आशंका जताई गई थी, लेकिन प्रशासन की ओर से इसकी पुष्टि नहीं की गई थी. इधर बगीचा मालिक उमाशंकर पासवान ने बताया कि अचानक कौओं की मौत से हमलोग चिंतित और परेशान है. इस बाबत भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी डा. संजय कुमार ने बताया कि तेघड़ा में प्रत्येक वर्ष ऐसी घटना होती है. उन्होंने कौओं की मौत को लेकर बताया कि माइग्रेट कर जब कौआ दूसरे क्षेत्र में आता है तो ऐसी स्थिति आती है. उन्होंने बताया कि कौओं की मौत को लेकर स्थल पर जाकर इसकी जांच की जाएगी और मृत कौआ का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा जायेगा.
