बिना चालान के मुंगेर होकर पास हो रही अवैध गिट्टी लदा ओवरलोड ट्रक, दो ट्रक जब्त

खनन पदाधिकारी के निर्देश पर खान निरीक्षक की टीम ने गंगा पुल टीओपी के समीप सघन जांच अभियान चलाया. जांच के दौरान दो संदिग्ध ट्रकों को रोका गया, लेकिन चालक वाहन खड़ा कर भाग निकला.

ट्रक छोड़ कर चालक फरार, खनन विभाग ने 22 लाख किया जुर्माना

– अवैध गिट्टी-बालू लदे ओवर लोड ट्रकों के परिचालन से श्रीकृष्ण सेतू पर बढ़ा दबाव

मुंगेर

विक्रमशिला सेतू टूटने के बाद मुंगेर होकर बिना चालान के अवैध गिट्टी और बालू लदे ओवरलोड ट्रक बड़ी संख्या में पास हो रहे हैं. इसका खुलासा सोमवार को तब हुआ, जब खनन विभाग की टीम ने श्रीकृष्ण सेतू पर बिना चालान के गिट्टी लदे दो ट्रक को जब्त किया. हालांकि चालक फरार हो गया. जिसके बाद खनन विभाग की टीम ने ट्रक को जब्त करते हुए 22 लाख का जुर्माना किया है.

दो ट्रक जब्त, 22 लाख जुर्माना

खनन विभाग के अधिकारियों को सूचना मिली थी कि बिना कागजात के गिट्टी लदे वाहन श्रीकृष्णा सेतु के रास्ते गुजर रहे हैं. सूचना के आधार पर खनन पदाधिकारी के निर्देश पर खान निरीक्षक की टीम ने गंगा पुल टीओपी के समीप सघन जांच अभियान चलाया. जांच के दौरान दो संदिग्ध ट्रकों को रोका गया, लेकिन चालक वाहन खड़ा कर भाग निकला. खनन विभाग ने ट्रक संख्या बीआर-10जीवी-0519 तथा डब्ल्यूबी-57एफ-3555 की जांच की, जिसमें गिट्टी परिवहन से संबंधित कोई वैध चालान या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया जा सका. इसके बाद दोनों ट्रकों को जब्त कर मुफस्सिल थाना को सौंप दिया गया. जांच अभियान में खान निरीक्षक अभिमन्यु कुमार और मो अरमान के साथ विभागीय जवान शामिल थे. खान निरीक्षकों ने बताया कि जब्त किये गये दोनों ट्रकों पर कुल 22 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है तथा खनन अधिनियम के तहत विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि एक माह के भीतर जुर्माने की राशि जमा नहीं की जाती है, तो दोनों वाहनों के विरुद्ध राज्यसात की कार्रवाई की जायेगी.

मुंगेर से मिल रही पासिंग, दलाल सक्रिय

बताया जाता है कि अधिकांश वाहन झारखंड के पाकुड़ और साहिबगंज क्षेत्र से गिट्टी लोड कर मुंगेर की ओर से गुजर रहे हैं. यहां से ये वाहन श्रीकृष्ण सेतु पार कर उत्तर बिहार और कोसी-सीमांचल के जिलों की ओर जाते हैं. इस पूरे रूट में सबसे अहम कड़ी भागलपुर जिला है, जहां से होकर सभी वाहन गुजरते हैं. अवैध गिट्टी लोड वाहन को लेका पासर (दलाल) सक्रिय है. जो विक्रमशीला सेतु टूटने के बाद से मुंगेर में सक्रिय हो गयी. जो श्रीकृष्ण सेतु के रास्ते उत्तर बिहार और कोसी-सीमांचल के जिलों में भेजी जा रही है. इतना ही नहीं संग्रामपुर, गंगटा से सैकड़ों की संख्या में बालू व गिट्टी लदा मुंगेर सीमा में प्रवेश कर रही है. जिसे पासर श्रीकृष्ण सेतु के रास्ते गंगा पार भेज रही है. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इतने बड़े पैमाने पर ओवरलोड और बिना चालान के वाहन मुंगेर से गुजरते हैं, लेकिन यहां खनन विभाग और जिला प्रशासन की सक्रियता पर सवाल उठ रहे हैं. सूत्रों के अनुसार, थाना स्तर से लेकर संबंधित विभागों तक ‘मैनेज’ का खेल चल रहा है, जिसके कारण वाहन बिना किसी रोक-टोक के आगे बढ़ जाते हैं.

कहते हैं जिला खनन पदाधिकारी

जिला खनन पदाधिकारी कुमार रंजन ने बताया कि जब्त किए गए दोनों ट्रकों पर कुल 22 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है तथा खनन अधिनियम के तहत विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है. एक माह के भीतर जुर्माने की राशि जमा नहीं की जाती है, तो दोनों वाहनों के विरुद्ध राज्यसात (कन्फिस्केशन) की कार्रवाई की जायेगी.

ओवरलोड बड़े व्यवसायिक वाहनों के परिचालन से मुंगेर गंगा पुल पर संकट

मुंगेर

विक्रमशिला सेतु के बंद होने के बाद से मुंगेर गंगा पुल वा भारी वाहनों का दबाव काफी बढ़ गया है. जो पूरी तरह से ओवरलोड रहता है. इन वाहनों के आवागमन से श्रीकृष्ण सेतु की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है. हद तो यह है कि रेलवे आपत्ति दर्ज कर रही और जिला प्रशासन एवं एनएचएआई ओवरलोड परिचालन पर रोक लगाने की बात करती है. लेकिन ओवरलोड वाहनों के परिचालन पर लगाम लगाने को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की गयी. पूर्व मध्य रेलवे हाजीपुर डिवीजन द्वारा लगातार श्रीकृष्ण सेतु पर 20 टन भार क्षमता से अधिक भार वाले वाहनों के परिचालन पर रोक लगाने को लेकर पत्राचार करती आ रही है. पूर्व में हाईट गेज लगा कर उसे रोकने का भी कुछ दिनों तक प्रयास किया गया था. लेकिन कुछ दिनों में ही व्यवस्था ध्वस्त हो गयी थी. एक बार फिर विक्रमशिला सेतु टूटने से मुंगेर श्रीकृष्ण सेतु पर वाहनों का दबाव काफी बढ़ गया है. जिसके कारण एक ओर जहां प्रतिदिन श्रीकृष्ण सेतु, राष्ट्रीय उच्च पथ -333बी और राष्ट्रीय उच्च पथ 80 पर जाम की समस्या उत्पन्न हो रही है. वहीं दूसरी ओर श्रीकृष्ण सेतु पर भार से अधिक क्षमता के बड़े व्यवसायिक वाहनों के परिचालन से मुश्किल काफी बढ़ गयी है. लेकिन जिम्मेदार इस दिशा में कोई पहल नहीं कर रही है और बालू-गिट्टी का काला कारोबार श्रीकृष्ण सेतु मुख्य मार्ग बन गया है.

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By Birendra kumar sing

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