राजस्व वसूली में परिवहन विभाग ने मारी बाजी, पिछड़ गया निबंधन कार्यालय
वित्तीय वर्ष 2025-26 अब विदा हो चुका है और सरकारी खजाना भरने वाले विभागों का मूल्यांकन भी शुरू हो गया. जिला परिवहन विभाग ने रिकार्ड उपलब्धि अपने नाम किया है.
राजस्व वसूली में परिवहन विभाग ने मारी बाजी, पिछड़ गया निबंधन कार्यालय
परिवहन विभाग ने 2 अरब 86 करोड़ 80 लाख दिया सरकार को राजस्व, निबंधन कार्यालय ने 69.05 करोड़
मुंगेर. वित्तीय वर्ष 2025-26 अब विदा हो चुका है और सरकारी खजाना भरने वाले विभागों का मूल्यांकन भी शुरू हो गया. जिला परिवहन विभाग ने रिकार्ड उपलब्धि अपने नाम किया है. उसने सरकारी खजाने में 2 अरब 86 लाख 80 हजार रुपये राजस्व जमा कराया, जबकि जिला निबंधन कार्यालय अपने लक्ष्य से 11.63 प्रतिशत पीछे रह गया. इस विभाग ने 69.09 करोड़ रुपये सरकारी खजाने में राजस्व जमा कराया है.
परिवहन विभाग ने वसूला 10 प्रतिशत अतिरिक्त राजस्व
जिला परिवहन पदाधिकारी सुरेंद्र कुमार अलवेला ने बताया कि परिवहन विभाग की उपलब्धि काफी अच्छी रही. लक्ष्य से 10 प्रतिशत अतिरिक्त राजस्व की वसूली कर सरकारी खजाने में पहुंचाने का काम किया है. उन्होंने बताया कि फरवरी 2026 तक विभाग ने 2 अरब 86 करोड़ राजस्व की प्राप्त कर सरकारी खजाने में जमा करा चुकी थी, जबकि मार्च महीने में 80 लाख का राजस्व प्राप्त किया गया. यह राजस्व टैक्स वसूली, वाहन जांच के दौरान यातायात नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों से वसूला गया जुर्माना, ड्राइविंग लाइसेंस शुल्क, वाहन निबंधन शुल्क, प्रदूषण फेल, रफ ड्राइविंग, ओवरलोड वाहनों सहित अन्य वाहनों से वसूल किया गया है. लक्ष्य के संबंध में पूछने पर उन्होंने बताया कि लक्ष्य से करीब 10 प्रतिशत अधिक का राजस्व वसूल किया गया है, लेकिन रिपोर्ट तैयार किया जा रहा है. पूरी रिपोर्ट तैयार होने पर ही लक्ष्य और उसके अनुरूप कितना राजस्व वसूल किया गया, यह सटीक जानकारी उपलब्ध कराया जायेगा.
पिछड़ गया निबंधन कार्यालय, लक्ष्य से 11.63 प्रतिशत पीछे
जिला निबंधन कार्यालय राजस्व वसूली के लक्ष्य को प्राप्त करने में पिछड़ गया. जिला निबंधन पदाधिकारी अश्वनी कुमार ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए जिले को 78.18 करोड़ रुपये राजस्व वसूली का लक्ष्य दिया गया था. 31 मार्च तक विभाग ने 9851 दस्तावेजों के निबंधन से मात्र 69.09 करोड़ रुपये ही राजस्व हासिल कर सकी. यानी 11.63 प्रतिशत जिला राजस्व वसूली मामले में पीछे रह गयी. उन्होंने कहा कि जिले में तीन निबंधन कार्यालय अनुमंडल स्तर पर संचालित हो रही है. मुंगेर निबंधन कार्यालय को 51.39 लाख राजस्व वसूली का लक्ष्य था, जिसके विरुद्ध 48.60 करोड़ रुपये यानी 94.57 प्रतिशत राजस्व 4983 दस्तावेज निबंधन से प्राप्त हुआ, जबकि हवेली खड़गपुर निबंधन कार्यालय ने 14.92 करोड़ लक्ष्य के विरुद्ध 2582 दस्तावेज से 11.16 करोड़ रुपये राजस्व प्राप्त किया. जिसका प्रतिशत 74.80 रहा. इसी तरह तारापुर निबंधन कार्यालय ने 11.87 करोड़ लक्ष्य के विरुद्ध 2286 दस्तावेज निबंधन से 9.33 करोड़ यानी 78.58 प्रतिशत राजस्व की ही वसूली हो चुकी. उन्होंने कहा कि पिछले वित्तीय वर्ष यानी 2025-26 के अंतिम दिन यानी 31 मार्च को सर्वाधिक 59 दस्तावेजों का निबंधन हुआ. इससे विभाग को 84 लाख 96 हजार 574 रुपये प्राप्त हुआ.
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