घंटों जाम में फंसे रहते है वाहन, अब उठने लगी रेलवे ओवर ब्रिज की मांग
प्रतिनिधि, धरहराजमालपुर-किऊल रेलखंड के बीच स्थित दशरथपुर पश्चिमी समपार फाटक के समीप इन दिनों जाम की समस्या से राहगीर के साथ स्थानीय लोगों जूझ रहे हैं. हालात ऐसे है कि यहां प्रतिदिन एक नहीं, बल्कि तीन-तीन बार जाम की स्थिति उत्पन्न हो रही है. जिससे आम जन-जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. स्थानीय ग्रामीणों, स्कूली बच्चों, नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों को रोजाना इस परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
सुबह के समय सबसे अधिक होती है समस्या
सुबह के वक्त जब स्कूल और दफ्तर जाने का समय होता है, उसी दौरान समपार फाटक बंद होने और सड़क संकीर्ण होने के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग जाती है. स्कूली छात्र-छात्राओं को एक-एक घंटे तक फाटक खुलने और जाम खत्म होने का इंतजार करना पड़ता है. कई बार बच्चे देर से स्कूल पहुंचते हैं, इससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है. वहीं नौकरीपेशा लोगों को भी समय पर दफ्तर पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. दोपहर के समय भी यह समस्या कम नहीं होती. बाजार आने-जाने वाले लोग और अन्य राहगीर जाम में घंटों फंस जाते हैं. शाम होते-होते स्थिति फिर बिगड़ जाती है. ट्रेन गुजरने के दौरान जब समपार फाटक करीब 10-15 मिनट के लिए बंद रहता है, तो देखते ही देखते दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग जाती है. इसके बाद जाम खुलने में 30 मिनट या उससे अधिक समय लग जाता है.
संकीर्ण सड़क और वाहनों का बढ़ता दबाव कर रहा परेशान
स्थानीय ग्रामीण राहुल कुमार, रूपेश कुमार, राजकिरण सिन्हा, बलवीर भारती सहित अन्य का कहना है कि समपार फाटक के पास सड़क की चौड़ाई काफी कम है. इसके अलावा जमालपुर-दशरथपुर, जमालपुर-धरहरा और बंगलवा मार्ग पर वाहनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है. भारी वाहनों के साथ-साथ दोपहिया और चारपहिया वाहनों की संख्या भी अधिक है. इससे थोड़ी ही देर में दोनों ओर लंबी कतार लग जाती है और जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है.
आरओबी निर्माण की उठने लगी मांग
दशरथपुर पश्चिमी समपार फाटक पर रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) अथवा फुट ओवरब्रिज (एफओबी) का निर्माण की मांग उठने लगी है. स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर आरओबी बन जाता है तो जाम की समस्या का स्थाई निदान हो जायेगा, जबकि एफओबी बनता है तो भी जाम की समस्या का कुछ हद तक निदान हो जायेगा. बता दें कि लगातार लगने वाले जाम के कारण न केवल लोगों का समय बर्बाद हो रहा है, बल्कि आपात स्थिति में एंबुलेंस और अन्य जरूरी सेवाओं को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
