बदहाली : 65 पुलिसकर्मियों के भरोसे मुंगेर में ट्रैफिक व्यवस्था, वाहनों की बढ़ती संख्या से व्यवस्था पर दबाव
मुंगेर जिले में ट्रैफिक व्यवस्था के लिए 165 पद स्वीकृत की है. लेकिन 100 पद रिक्त है. पुलिस बल की कमी का असर शहर की सड़कों से लेकर राष्ट्रीय राजमार्गों तक साफ दिखाई दे रहा है. जहां आए दिन जाम, अव्यवस्थित यातायात और नियमों के उल्लंघन की शिकायतें सामने आती है.
मुंगेर में ट्रैफिक पुलिस के 165 पद स्वीकृत, तैनात हैं मात्र 65 पुलिसकर्मी- एनएच-80, एनएच-333बी और शहर की सड़कों पर जाम व नियम का पालन बड़ी चुनौतीमुंगेरमुंगेर जिले में यातायात व्यवस्था लगातार चुनौतीपूर्ण होती जा रही है. जिले की सड़कों पर प्रतिदिन एक लाख से अधिक विभिन्न प्रकार के यात्री एवं व्यवसायिक वाहन तथा बड़ी संख्या में मोटरसाइकिलें दौड़ती हैं. लेकिन इसके संचालन और नियंत्रण की जिम्मेदारी महज 65 पुलिसकर्मियों के कंधों पर टिकी हुई है. सरकार ने मुंगेर जिले में ट्रैफिक व्यवस्था के लिए 165 पद स्वीकृत की है. लेकिन 100 पद रिक्त है. पुलिस बल की कमी का असर शहर की सड़कों से लेकर राष्ट्रीय राजमार्गों तक साफ दिखाई दे रहा है. जहां आए दिन जाम, अव्यवस्थित यातायात और नियमों के उल्लंघन की शिकायतें सामने आती है. इतना ही नहीं वाहनों के बेतरकीब परिचालन से सड़क हादसों में लगातार लोगों की जान भी जा रही है.
मैन पावर की कमी से जूझ रहा यातायात थाना
मुंगेर मुख्यालय में यातायात थाना तो स्थापित है, लेकिन इसके लिए स्वीकृत 165 मैनपावर के मुकाबले वर्तमान में केवल 65 पुलिसकर्मी ही कार्यरत हैं. ट्रैफिक डीएसपी के साथ ही थानाध्यक्ष, तीन एएसआई, एक पीटीसी तथा लगभग 60 सिपाही शामिल हैं. सिपाही की जो संख्या है, इनमें भी करीब 30 महिला सिपाही हैं. जबकि कई पुलिसकर्मी उम्रदराज या स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं. ऐसे में सीमित संसाधनों के बीच जिले की यातायात व्यवस्था को संभालना विभाग के लिए बड़ी चुनौती बन गया है.
कहां-कहां होती इनकी तैनाती
यातायात नियंत्रण के लिए मुंगेर मुख्यालय के साथ ही विभिन्न महत्वपूर्ण स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती की जाती है. तारापुर में दो, असरगंज के शाहकुंड मोड़ पर दो, बरियारपुर में चार, जुबली बेल जमालपुर में चार, सफियासराय थाना चौक पर चार तथा नयारामनगर थाना के पुराने थाना परिसर के समीप दो पुलिसकर्मी तैनात हैं. इसके अलावा एनएच- 80 के तेलिया तालाब और मस्जिद मोड़ के समीप भी दो-दो जवानों की ड्यूटी लगाई जाती है. शहर के व्यस्ततम चौराहों और मार्गों पर आवश्यकता के अनुसार पुलिस बलों को लगाया जाता है. कोतवाली मोड़, अंबे चौक, कस्तूरबा वाटर वर्क्स मोड़, कौड़ा मैदान, लल्लूपोखर सहित अन्य प्रमुख स्थानों पर यातायात नियंत्रण के लिए समय-समय पर अतिरिक्त बल की तैनाती की जाती है. बावजूद इसके बढ़ते वाहनों के दबाव के सामने उपलब्ध संसाधन नाकाफी साबित हो रहे हैं.
ध्वस्त ट्रैफिक व्यवस्था के कारण जाम से कराह रहा मुंगेर
मुंगेर : मुंगेर में ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए यातायात पुलिस द्वारा सुबह, शाम और रात में नियमित रूप से तीन चरणों में गश्ती भी की जाती है. बावजूद कई स्थानों पर जाम की समस्या लगातार बनी रहती है. विशेषकर एनएच-80 और एनएच-333बी पर वाहनों की लंबी कतारें आम बात हो गई हैं. श्रीकृष्ण सेतु, तेलिया तालाब मोड़, नौवागढ़ी बाजार, बरियारपुर चौक, सफियासराय थाना मोड़ के साथ ही जमालपुर जुबली बेल चौक से लेकर स्टेशन रोड तक हमेशा जाम की स्थिति बनी रहती है. बाजार क्षेत्र, स्कूल-कॉलेजों के आसपास और प्रमुख चौक-चौराहों पर पीक आवर्स के दौरान यातायात व्यवस्था चरमरा जाती है.
सड़कों पर उड़ रही ट्रैफिक नियमों की धज्जियां, जा रही जान
मुंगेर : पुलिस बल की कमी का एक बड़ा असर यातायात नियमों के पालन पर भी पड़ रहा है. बिना हेलमेट वाहन चलाना, गलत दिशा में वाहन ले जाना, ओवरलोडिंग और अवैध पार्किंग जैसी समस्याएं बढ़ रही है. पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मी नहीं होने के कारण हर जगह प्रभावी निगरानी संभव नहीं हो पा रही है. जानकारों की माने तो जिले में वाहनों की संख्या जिस तेजी से बढ़ रही है, उसी अनुपात में यातायात पुलिस बल और संसाधनों का विस्तार नहीं हो सका है. जिसके कारण सड़कों पर नियमों की धज्जियां उड़ रही है. इतना ही नहीं यातायात नियमों का पालन नहीं होने से लोगों को जान से हाथ धोना पड़ रहा है. अगर आकंडों पर गौर करें से वर्ष 2023 में 95, वर्ष 2024 में 72, वर्ष 2025 में 95 और 2026 में अब तक 35 से अधिक लोगों की मौत सड़क हादसे में हो चुकी है.
कहते हैं ट्रैफिक डीएसपी
ट्रैफिक डीएसपी प्रभात रंजन ने कहा कि जिले में बढ़ते वाहनों के दबाव के बीच उपलब्ध संसाधनों से यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने का लगातार प्रयास किया जा रहा है. संख्याबल की कमी है, बावजूद प्रमुख चौक-चौराहों, बाजार क्षेत्रों एवं एनएच-80 तथा एनएच-333बी पर नियमित रूप से पुलिस बल की तैनाती की जाती है. सुबह, शाम और रात्रि में गश्ती भी कराई जाती है. उन्होंने आम लोगों से यातायात नियमों का पालन करने, निर्धारित स्थानों पर वाहन पार्क करने और पुलिस प्रशासन का सहयोग करने की अपील की.
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