जमालपुर अंचल के कर्मियों व आम लोगों को दी गयी जानकारी, एसडीआरएफ ने किया मॉक ड्रिल
मुंगेर. भूकंप सुरक्षा पखवाड़ा के तहत सोमवार को जिला पंचायती राज प्रशिक्षण संस्थान के सभागार में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया. इस कार्यशाला में जमालपुर प्रखंड के अंचल कार्यालय के कर्मियों और स्थानीय आम जनता ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदा के प्रति जागरूक करना और जान-माल की क्षति को न्यूनतम करना था.बचाव के लिए संयम व सावधानी जरूरी
मास्टर प्रशिक्षक नवनीत विमल व कविता चौरसिया ने प्रतिभागियों को भूकंप से संबंधित विस्तृत जानकारी दी. नवनीत विमल ने भूकंप सुरक्षा पखवाड़ा की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि भूकंप के आने से पूर्व, भूकंप के दौरान व उसके बाद क्या-क्या सावधानियां बरतनी चाहिए. उन्होंने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि भूकंप के समय घबराहट के कारण जान-माल की अधिक क्षति होती है, इसलिए लोगों को संयम से काम लेने की जरूरत है. उन्होंने प्रतिभागियों से अपील की कि यहां सीखे गए गुर अपने परिजनों और सहकर्मियों को भी बताएं.भूकंप रोधी मकान व प्राथमिक उपचार की जानकारी
कार्यशाला में तकनीकी सत्र के दौरान मास्टर ट्रेनर ने बताया कि भविष्य में मकानों का निर्माण कैसे भूकंप रोधी तकनीक से किया जाए. इसके साथ ही, आपदा के पश्चात दिए जाने वाले फर्स्ट एड (प्राथमिक उपचार) पर विस्तृत चर्चा की गई. प्रशिक्षकों ने खपाची बांधना, रक्त बंध्यता (खून रोकना), लिफ्टिंग (घायल को उठाना) और सीपीआर देने की प्रक्रिया का व्यावहारिक ज्ञान साझा किया.एसडीआरएफ ने दिखाया मॉक ड्रिल
प्रशिक्षण के दौरान एसडीआरएफ की टीम ने मॉक ड्रिल के माध्यम से आपदा प्रबंधन का जीवंत प्रदर्शन किया. निरीक्षक सुनील कुमार के नेतृत्व में टीम ने दिखाया कि मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित कैसे निकाला जाता है. इस दौरान एसडीआरएफ कर्मी प्रेमचंद शर्मा और अजय कुमार ने टीम का सहयोग किया. मौके पर मौजूद लोगों को आपदा के समय इस्तेमाल होने वाले उपकरणों और तकनीकों के बारे में विस्तार से समझाया गया.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
