जमीन व भवन की पेच में फंस गयी पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय की योजना, नौनिहालों की शिक्षा पर ग्रहण
बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए केंद्र सरकार ने मुंगेर में पीएम-श्री केंद्रीय विद्यालय खोलने की स्वीकृति तो प्रदान कर दी है, लेकिन जिला प्रशासन की ओर से अब तक न तो अस्थायी रूप से विद्यालय खोलने के लिए अस्थायी भवन उपलब्ध करा सकी है
डीएम ने डीईओ को दिया सोमवार तक इस मामले में अद्यतन स्थिति उपलब्ध कराने का निर्देश
मुंगेर. बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए केंद्र सरकार ने मुंगेर में पीएम-श्री केंद्रीय विद्यालय खोलने की स्वीकृति तो प्रदान कर दी है, लेकिन जिला प्रशासन की ओर से अब तक न तो अस्थायी रूप से विद्यालय खोलने के लिए अस्थायी भवन उपलब्ध करा सकी है और न ही विद्यालय भवन निर्माण के लिए जमीन चिह्नित कर उपलब्ध करायी है. इस कारण मुंगेर में इस विद्यालय के खुलने पर संकट मंडरा रहा है.शहर में विद्यालय के लिए चाहिए 8 से 10 एकड़ जमीन
जानकारी के अनुसार, मुंगेर शहर में पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय खोलने की स्वीकृति मिली है. इसके लिए शहर और शहर से सटे क्षेत्र में विद्यालय के लिए 8 से 10 एकड़ जमीन की जरूरत है. इसमें विद्यालय भवन के साथ ही प्रशासनिक भवन, हॉस्टल, खेल मैदान, स्टॉफ क्वार्टर का निर्माण किया जाना है. जिसके लिए पूर्व में ही केंद्रीय विद्यालय जमालपुर के प्राचार्य ने डीएम से मिलकर विद्यालय के जमीन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था. सूत्रों की माने तो जमीन चिह्नित करने के लिए एक टीम भी बनी हुई है. जो लगातार शहर और शहर के आसपास जमीन मिले इसके लिए प्रयासरत है.नहीं मिला अस्थाई भवन, नहीं तो चालू हो जाता विद्यालय
बताया गया कि शहर में विद्यालय भवन निर्माण के लिए जमीन जब तक नहीं मिलती है, तब तक यह विद्यालय अस्थाई भवन में संचालित किया जा सकता है. जिला प्रशासन से ऐसा अस्थाई भवन उपलब्ध कराने की मांग की लगातार की गयी. जहां कम से कम 10 कमरा हो और प्राचार्य कक्ष, प्रशासनिक कक्ष व अन्य कक्ष के लिए यहां तीन कमरा अलग से हो. जहां तत्काल पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय चालू करते हुए कक्षा एक से पांच तक की पढ़ाई का शुभारंभ हो सके. जानकारों की माने तो प्रति वर्ष एक क्लास में तब तक बढ़ोतरी होती रहेगी, जब तक विद्यालय भवन का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो जाता है. कुल मिलाकर कहा जाय तो अस्थाई भवन अगर मिल जाता है तो तत्काल इस विद्यालय का अधिष्ठापन हो जायेगा और बच्चों की पढ़ाई शुरू हो जायेगी, लेकिन जमीन तो दूर अब तक अस्थाई भवन भी जिला प्रशासन उपलब्ध नहीं करा सकी है, इस कारण पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय खोलने की योजना पर संकट के बादल मंडरा रहे है.कहते हैं डीएम
डीएम निखिल धनराज ने बताया कि शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय अधिष्ठापन पर बिंदुवार चर्चा हुई. डीईओ को निर्देश दिया गया है कि केंद्रीय विद्यालय के जमीन के लिए अब तक क्या कार्रवाई की गयी है, सोमवार तक उन्हें अद्यतन जानकारी उपलब्घ कराने का निर्देश दिया गया है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
