सिवियर एनिमिक 10 गर्भवतियों को दिया गया एफसीएम का पहला डोज

फैरिक कार्बोमॉक्सलेट का पहला डोज दिया गया.

मॉडल अस्पताल में बने विशेष वार्ड में किया गया स्वास्थ्य मंत्री के कार्यक्रम प्रसारण

मुंगेर

सिवियर एनिमिक गर्भवति व महिलाओं के लिए एफसीएम थेरेपी इनिसियेटिव का उद्घाटन राज्य में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय गुरुवार को पायलट प्रॉजेक्ट के रूप में किया. इस दौरान सदर अस्पताल में भी 20 बेड के विशेष वार्ड की व्यवस्था की गयी. जहां स्वास्थ्य मंत्री के उद्घाटन सत्र के प्रसारण किया गया. साथ ही सिवियर एनिमिक की 10 गर्भवतियों को महिला चिकित्सक डॉ अर्चना और डॉ स्मृति सिंह की उपस्थिति में फैरिक कार्बोमॉक्सलेट का पहला डोज दिया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता सिविल सर्जन डॉ राजू ने की.

सिविल सर्जन ने बताया कि एफसीएम थेरेपी इनिसियेटिव के तहत सिवियर ऐनिमिक गर्भवती और महिलाओं को अबतक टेबलेट के रूप में दवा दी जा रही थी, लेकिन अब विभाग द्वारा इसके लिये गुरुवार को फैरिक कार्बोमॉक्सलेट की शुरू आज राज्य में पायलट प्रॉजेक्ट के रूप में किया है. फैरिक कार्बोमॉक्सलेट काफी करागर दवा है. जिसके एक डोज से सिवियर ऐनिमिक गर्भवती व महिलाओं को न केवल एनिमिक होने का खतरा कम होता है, बल्कि प्रसव के दौरान विशेष रूप से गर्भवतियों में होने वाले एनिमिक खतरे को कम करती है.

14 दिनों के अंतराल पर दिया जायेगा दूसरा डोज

महिला चिकित्सक डॉ अर्चना और डॉ स्मृति सिंह ने बताया कि फैरिक कार्बोमॉक्सलेट काफी करागर दवा है. यह इंजेक्शन सिवियर एनिमिक गर्भवतियों को गर्भधारण के तीन माह बाद दिया जाना है. उन्होंने बताया कि जिस गर्भवती का हिम्गोलबिन 5 यूनिट से 9 यूनिट के बीच होगा. उसे यह इंजेक्शन दिया जायेगा. इसके पहले डोज के 14 दिनों के बाद दूसरा डोज दिया जायेगा. यह इंजेक्शन पूरी तरह सुरक्षित है और इससे गर्भवतियों को रक्त चढ़ाने की आवश्यकता नहीं होती है. हलांकि यदि 5 यूनिट से कम हिमोग्लोबिन होता है तो पहले उसे रक्त चढ़ाया जायेगा. उसके बाद आवश्यकता होती है तो फैरिक कार्बोमॉक्सलेट की दवा दी जायेगी.

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By AMIT JHA

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