अतिक्रमणकारियों को निगम थमा रहा नोटिस, नहीं हटा अतिक्रमण तो होगी कार्रवाई

इस बार पुराने सिस्टम में नहीं, बल्कि नयी प्लानिंग के तहत की जा रही कार्रवाई

अस्थाई अतिक्रमण हटाने के लिए 24 घंटे, स्थाई अतिक्रमण हटाने के लिए 15 दिनों की मोहलत

मुंगेर. नगर निगम प्रशासन ने शहर में अतिक्रमणकारियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. इस बार पुराने सिस्टम में नहीं, बल्कि नयी प्लानिंग के तहत कार्रवाई की जा रही है. निगम से गुरुवार को अभियान दल निकला और शहर में घूम-घूम कर स्थाई और अस्थाई अतिक्रमण को हटाने के लिए अतिक्रमणकारियों को नोटिस थमाया. निगम के इस नये तेवर को देखकर अतिक्रमणकारियों में दहशत फैल गयी है, क्योंकि दोनों तरह के अतिक्रमणकारियों के लिए न सिर्फ अतिक्रमण हटाने को समय और दिन निर्धारित किया गया है, बल्कि अर्थदंड अधिरोपित करने की भी बात कही गयी है.

मुख्य बाजार के एक नंबर ट्रैफिक से मुर्गियाचक जेपी चौक तक चला अभियान

नगर निगम की ओर से गुरुवार को एक टीम निकली, जिसने मुख्य बाजार के एक नंबर ट्रैफिक से मुर्गियाचक जेपी चौक तक अभियान चलाया. इस दौरान जहां भी अस्थाई और स्थाई अतिक्रमण मिला, उसे हटाने के बदले अतिक्रमणकारियों को निगमकर्मियों ने नोटिस थमाया. कुछ अस्थाई व स्थाई दुकानदारों ने जहां नोटिस मिलते ही फुटपाथ से अपना अतिक्रमण हटा लिया. वहीं कई दुकानदारों ने इसका विरोध किया, लेकिन निगम की टीम ने नोटिस थमा कर अतिक्रमणकारियों को चेतावनी दी की, अगर नोटिस में तय समय सीमा तक अतिक्रमण नहीं हटाया, तो निगम न सिर्फ अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करेगा, बल्कि अर्थदंड भी अधिरोपित किया जायेगा. गुरुवार को करीब 50 से अधिक अस्थाई व स्थाई अतिक्रमणकारी दुकानदारों को नोटिस निर्गत किया गया. अभियान दल में सिटी मैनेजर मनोज कुमार भारती, अतिक्रमण प्रभारी दिनेश कुमार, रोड जमादार विश्वनाथ सहित पुलिस बल शामिल थे.

अस्थाई अतिक्रमण को 24 घंटा का मोहलत

नगर निगम की ओर से अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों को जो नोटिस थमाया गया है, उसमें लिखा है कि नगरपालिका की भूमि को अतिक्रमित करना संज्ञेय अपराध है. अस्थाई अतिक्रमण के संबंध में नोटिस निर्गत के 24 घंटा के प्रश्चात अतिक्रमण मुक्त करने की कार्रवाई की जायेगी. इसके साथ ही पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी अधिरोपित किया जायेगा. स्थाई अतिक्रमण में नोटिस निर्गत होने के 15 दिनों के पश्चात अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जायेगी. इसमें आने वाले खर्च के साथ 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी अधिरोपित किया जायेगा. दंड की वसूली के लिए कारावास तक की सजा हो सकती है. इसलिए नोटिस प्राप्ति के साथ लोक भूमि का अतिक्रमण निर्धारित समय सीमा के अंदर मुक्त करते हुए निगम को सूचित करने का निर्देश दुकानदारों को दिया है.

कहते हैं उप नगर आयुक्त

उपनगर आयुक्त नसीमुद्दीन ने बताया कि अतिक्रमण हटाने को लेकर लगातार अभियान चलाया जा रहा है. इस बार अतिक्रमणकारियों को पहले नोटिस निर्गत करते हुए तय समय सीमा में अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया गया है. शहर को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कराया जायेगा, यह अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक अतिक्रमण हटा नहीं लिया जायेगा.

फुटपाथ के साथ ही नालों पर भी अतिक्रमणकारियों का कब्जा

मुंगेर.

मुख्य बाजार के साथ ही मुंगेर शहर अतिक्रमण की चपेट में है. सड़क और फुटपाथ पर जहां अवैध कब्जा है, वहीं नालों पर भी पक्का निर्माण कर लिया गया है. शहर में जलनिकासी के लिए कुल पांच बड़े नाले बने हुए हैं. एक नाला बेकापुर, नीलम रोड, कटघर, दलहट्टा चौर, लालदरवाजा होते हुए गंगा तक है. इस नाले पर कृपारामपुल गांधी चौक के समीप नाले पर एक मकान बना हुआ है. उसका व्यावसायिक उपयोग हो रहा है, जबकि नीलम चौक के पास बड़े नाले पर एक व्यक्ति पक्की संरचना कर खटाल संचालित कर रहे, मवेशी पाल रहे है. एक व्यक्ति ने नाला पर ढलाई कर जेनरेटर का डीजे सेट लगा रखा है. इतना ही नहीं बड़े नाले पर इसी तरह की पक्की संचरना कर घरेलू उपयोग किया जा रहा है. बेकापुर में नालों पर अवैध पक्की संरचना तैयार कर ली गयी है. नंदकुमार पार्क के समीप कई फल व्यवसायियों ने फुटपाथ किनारे नाला पर ढलाई कर लिया है. उसका व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है.

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By BIRENDRA KUMAR SING

BIRENDRA KUMAR SING is a contributor at Prabhat Khabar.

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