Munger News: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला अपने चरम पर पहुंच चुका है और सुल्तानगंज से देवघर तक का कांवरिया पथ इन दिनों पूरी तरह शिवभक्ति में डूबा नजर आ रहा है. मुंगेर जिले के तारापुर क्षेत्र से गुजरने वाले मार्ग पर रविवार को ऐसा दृश्य देखने को मिला, जहां हजारों शिवभक्त तिरंगा और भगवा ध्वज लहराते हुए बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर बढ़ते दिखाई दिए. बोल बम और हर हर महादेव के गगनभेदी जयकारों से पूरा वातावरण शिवमय हो उठा.
केसरिया वस्त्रधारी कांवरियों के जत्थे, रंग-बिरंगी रोशनी से सजी कांवर, ढोल-नगाड़ों की थाप और भक्ति गीतों के बीच आगे बढ़ते श्रद्धालुओं ने कांवरिया पथ को आस्था के विराट उत्सव में बदल दिया. प्रशासन की ओर से सुरक्षा, निगरानी, पेयजल और साफ-सफाई की व्यापक व्यवस्था की गई, जबकि कई स्वयंसेवी संस्थाएं भी श्रद्धालुओं की सेवा में सक्रिय रहीं.
तिरंगा और भगवा ध्वज के साथ आगे बढ़ते रहे शिवभक्त
रविवार सुबह से ही कांवरिया पथ पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी.
सुल्तानगंज की उत्तरवाहिनी गंगा से गंगाजल भरकर हजारों कांवरिये पैदल और वाहनों के माध्यम से देवघर की ओर रवाना हुए. कई श्रद्धालु अपने वाहनों पर तिरंगा और भगवा ध्वज लहराते नजर आए, जबकि अनेक ध्वजों पर भगवान भोलेनाथ की तस्वीरें भी लगी थीं.
ढोल-नगाड़ों और भजनों से गूंजता रहा पूरा मार्ग
कांवरिया पथ पर जगह-जगह भक्ति गीतों, ढोल-नगाड़ों और जयघोष का माहौल बना रहा.
युवा, महिलाएं और बच्चे उत्साह के साथ बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर बढ़ते दिखाई दिए. कई श्रद्धालु नाचते-गाते हुए यात्रा कर रहे थे, जिससे पूरा मार्ग धार्मिक उल्लास और सामूहिक भक्ति का केंद्र बन गया.
शाम होते ही रोशनी से जगमगा उठा कांवरिया पथ
देर शाम रंग-बिरंगी लाइटों से सजी कांवर श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बन गईं.
जगमगाते कांवर, भक्ति संगीत और लगातार गूंजते बोल बम के जयकारों ने ऐसा वातावरण बनाया कि यात्रियों की थकान मानो गायब हो गई. श्रद्धालुओं के चेहरों पर बाबा बैद्यनाथ के दर्शन और जलाभिषेक की तीव्र उत्सुकता साफ दिखाई दे रही थी.
सुरक्षा और सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम
श्रावणी मेला के दौरान प्रशासन ने कांवरियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए व्यापक व्यवस्था की है.
कांवरिया पथ के संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती की गई है और सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी रखी जा रही है. पेयजल, साफ-सफाई और प्राथमिक सहायता की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है. कई स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा मार्ग में सेवा शिविर चलाकर श्रद्धालुओं को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं.
Munger News : बाबा धाम पहुंचने की लालसा बनी सबसे बड़ी ऊर्जा
कांवरियों का कहना है कि लंबी यात्रा के बावजूद उन्हें थकान का अनुभव नहीं होता, क्योंकि उनका लक्ष्य बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचकर जलाभिषेक करना है.
यही आस्था उन्हें लगातार आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है. तारापुर से गुजरता कांवरिया पथ इन दिनों भक्ति, अनुशासन और सांस्कृतिक ऊर्जा का अद्भुत उदाहरण बन गया है.
Also Read: TRE-4 के लिए BPSC को भेजा गया प्रस्ताव हुआ वापस, क्या अब होगा आंदोलन? शोभा अहोतकर से लगाई उम्मीद
