एमयू में शैक्षणिक अराजकता व भ्रष्टाचार पर अब विद्यार्थी परिषद करेगा आंदोलन

6 माह बाद भी अबतक न तो सेमेस्टर-2 और न ही सेमेस्टर-4 का परीक्षा परिणाम प्रकाशित हो पाया है.

मुंगेर विद्या के मंदिर में जहां शैक्षणिक वातावरण की बात होनी चाहिए, वहीं आज मुंगेर विश्वविद्यालय में भ्रष्टाचार और करोड़ों के लेनदेन की बातें हो रही है. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि विद्यार्थियों के प्रति विश्वविद्यालय प्रशासन कितना उदासीन है. ऐसे में विश्वविद्यालय में शैक्षणिक अराजकता और व्याप्त भ्रष्टाचार पर अब विद्यार्थी परिषद आंदोलन करेगी. उक्त बातें मंगलवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्र नेता सन्नी कुमार ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कही. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा सत्र 2023-27 स्नातक सेमेस्टर-4 तथा सत्र 2024-28 स्नातक सेमेस्टर-2 की परीक्षा अगस्त और सितंबर माह में ली गयी थी, लेकिन 6 माह बाद भी अबतक न तो सेमेस्टर-2 और न ही सेमेस्टर-4 का परीक्षा परिणाम प्रकाशित हो पाया है. जबकि रिजल्ट प्रकाशन की जगह विश्वविद्यालय रिजल्ट में कई प्रकार की परेशानी होने की बात कहकर पिछले 6 माह से विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है. जिसे विद्यार्थी परिषद कभी बर्दाश्त नहीं करेगी. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा परीक्षा विभाग में करोड़ों की घोटाला बारकोडिंग के नाम पर बिना टेंडर और नियम के विरूद्ध किया जा रहा है. साथ ही इसके लिये करोड़ों की राशि भी खर्च कर दी गयी है. यह पूरी राशि उसी कंपनी को दी गयी है, जो विश्वविद्यालय के पेमेंट गेटवे की जिम्मेदारी संभाल रहा है और विद्यार्थियों से प्रतिवर्ष कम से कम पांच बार पोर्टल पर 35 रुपया प्रति पेमेंट लेती है. जिसका न कोई हिसाब है और न पेमेंट गेटवे पर लिये जा रहे अतिरिक्त राशि का कोई रसीद और यह सब भ्रष्टाचार कुलपति के इशारे पर निरंतर जारी है. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद भ्रष्टाचार के खिलाफ अपना आवाज कैंपस से सदन तक बुलंद करेगी. जिसके तहत विद्यार्थी परिषद आगामी सीनेट बैठक में विरोध प्रदर्शन करेगी.

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By AMIT JHA

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