फायर ऑडिट में लापरवाही पर सख्ती, पहली नोटिस में नहीं हुआ सुधार, तो दूसरी के बाद होगी कार्रवाई

फायर ऑडिट में लापरवाही पर सख्ती, पहली नोटिस में नहीं हुआ सुधार, तो दूसरी के बाद होगी कार्रवाई

हवेली खड़गपुर/ तारापुर/ संग्रामपुर.

जिला अग्निशमन पदाधिकारी, मुंगेर के निर्देश पर होटल, सरकारी व निजी अस्पतालों व रेस्टोरेंटों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था व फायर ऑडिट अभियान जारी है. सोमवार को विभिन्न प्रतिष्ठानों की जांच की गयी, जहां संतोषजनक स्थिति नहीं पाया गया. ऐसे में दूसरी नोटिस जारी होने पर प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की गाज गिर सकती है.

हवेली खड़गपुर प्रतिनिधि के अनुसार ,

अनुमंडल अग्निशमालय, खड़गपुर के प्रभारी पदाधिकारी राजबल्लभ प्रसाद यादव ने क्षेत्र के होटल, सरकारी व निजी अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और फायर ऑडिट की. उन्होंने बताया कि फायर सेफ्टी संबंधी पहली नोटिस जारी किये जाने के बावजूद कई प्रतिष्ठानों से संतोषजनक जवाब प्राप्त नहीं हुआ है. ऐसे संस्थानों को अब दूसरी नोटिस जारी की जायेगी. इसके बाद भी उचित सुरक्षा मानकों का अनुपालन नहीं होने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध सीलिंग की कार्रवाई की जा सकती है. इस अभियान के दौरान कुमार स्वीट्स, निरंजन साह स्वीट्स, मां तारा क्लिनिक, श्री सेवा सदन क्लिनिक तथा बालाजी पॉली क्लिनिक का निरीक्षण किया गया.

तारापुर प्रतिनिधि के अनुसार

, अग्निशामालय विभाग तारापुर द्वारा रविवार की देर संध्या तक विभिन्न स्थानों पर संचालित आधा दर्जन अस्पतालों, होटलों, रेस्टोरेंट व रेस्ट हाउस का अग्नि सुरक्षा का ऑडिट किया गया. सहायक जिला अग्निशमन पदाधिकारी वंदना कुमारी के नेतृत्व में टीम के सदस्यों ने संबंधित प्रतिष्ठानों में अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता और कार्यक्षमता, आपातकालीन निकास मार्ग की स्थिति, विद्युत सुरक्षा व्यवस्था, अग्नि दुर्घटना की स्थिति में अपनायी जाने वाली सावधानियों की बारीकी से जांच की. साथ ही संचालकों व कर्मियों को आग लगने की स्थिति में त्वरित कार्रवाई व बचाव के उपायों की जानकारी दी गयी. उन्होंने कहा कि सभी संस्थानों को अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन करना आवश्यक है. ताकि किसी भी आपात स्थिति में जान-माल की क्षति को रोका जा सके. खासकर जहां लोगों का आना-जाना व ठहराव होता हो, वहां अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता बेहद जरूरी है. मौके पर दौरान सब ऑफिसर दिनेश कुमार, प्रधान अग्निक पिंटू कुमार व अग्निक विकास कुमार सिंह मौजूद थे.

संग्रामपुर प्रतिनिधि के अनुसार,

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, संग्रामपुर में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए फायर ऑडिट किया गया. इस दौरान अस्पताल परिसर में अग्निकांड जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए मॉकड्रिल कर स्वास्थ्यकर्मियों व आमलोगों को जागरूक किया गया. मॉकड्रिल के दौरान अग्निशमन विभाग की टीम ने आग लगने की संभावित परिस्थितियों में बचाव व राहत कार्यों का प्रदर्शन किया. कर्मचारियों को अग्निशामक यंत्रों के सही उपयोग, आग लगने पर मरीजों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने तथा आपदा के समय घबराने के बजाय संयमित ढंग से कार्य करने की जानकारी दी गयी. सहायक जिला अग्निशमन पदाधिकारी वंदना कुमारी ने कहा कि अस्पताल जैसे संवेदनशील संस्थानों में अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन आवश्यक है.

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Author: ANAND KUMAR

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