Health Department Update: बिहार स्वास्थ्य विभाग ने स्टाफ नर्सों के स्थानांतरण को लेकर बड़ा फैसला लिया है. 26 मार्च को जारी स्थानांतरण आदेश को एक बार फिर शिथिल करते हुए अब इसे 31 अगस्त से प्रभावी करने का निर्णय लिया गया है. इस संबंध में निदेशक प्रमुख (नर्सिंग) ने सभी जिलों के सिविल सर्जनों को पत्र भेजकर आवश्यक निर्देश जारी किए हैं.
31 अगस्त से प्रभावी होगा स्थानांतरण आदेश
स्वास्थ्य विभाग की निदेशक प्रमुख (नर्सिंग) डॉ. रेखा झा द्वारा जारी निर्देश के अनुसार, 26 मार्च को बिहार परिचारिका संवर्ग के स्टाफ नर्सों के स्थानांतरण से संबंधित दो आदेश जारी किए गए थे. बाद में 25 मई की अधिसूचना के माध्यम से इन्हें 1 जुलाई से प्रभावी करने का निर्देश दिया गया था. अब विभाग ने इस आदेश को पुनः शिथिल करते हुए स्थानांतरण को 31 अगस्त से प्रभावी करने का निर्णय लिया है.
31 अगस्त के बाद ही होंगे विरमित
नए आदेश के अनुसार, स्थानांतरित स्टाफ नर्सों को 31 अगस्त के बाद ही अपने वर्तमान कार्यस्थल से विरमित किया जाएगा, ताकि वे नए पदस्थापन स्थल पर योगदान दे सकें. इससे पहले किसी भी नर्स को स्थानांतरित कार्यस्थल के लिए कार्यमुक्त नहीं किया जाएगा.
पहले रिलीव की गई नर्सों के लिए भी निर्देश
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि 1 जुलाई के बाद किसी स्टाफ नर्स को विरमित कर दिया गया है, तो वह कार्रवाई निरस्त मानी जाएगी. ऐसे सभी कर्मियों को अपने पूर्व कार्यस्थल पर वापस योगदान देकर पहले की तरह कार्य करना होगा. इस आदेश का उद्देश्य स्थानांतरण प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना और स्वास्थ्य सेवाओं में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न नहीं होने देना है.
मुंगेर जिले में एक दर्जन नर्सों का हुआ था तबादला
विभागीय आदेश के तहत मुंगेर जिले से भी लगभग एक दर्जन स्टाफ नर्सों का स्थानांतरण किया गया था. हालांकि सिविल सर्जन डॉ. राजू ने बताया कि जिले में अब तक किसी भी स्टाफ नर्स को विरमित नहीं किया गया है.
सभी अस्पतालों को भेजे गए निर्देश
सिविल सर्जन ने बताया कि विभाग से नया पत्र प्राप्त होने के बाद जिले के सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को भी आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं, ताकि स्थानांतरण संबंधी संशोधित आदेश का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जा सके.
