प्रतिनिधि, जमालपुर. ईस्टर्न रेलवे मेंस यूनियन कारखाना शाखा जमालपुर के कार्यालय में बुधवार को भोजन अवकाश के समय 1974 की रेल हड़ताल के 50 वर्ष पूरा होने पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया. इसकी अध्यक्षता शाखा अध्यक्ष दीपक कुमार सिन्हा ने की. मुख्य अतिथि केंद्रीय उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद यादव थे. 8 मई 1974 की रेल हड़ताल में शामिल यूनियन के पूर्व शाखा पदाधिकारी विश्वदेव प्रसाद यादव, सखी चंद्र मंडल और भोलानाथ यादव ने संयुक्त रूप से हड़ताल में घटित घटनाओं का आंखों देखा हाल सुनाया. उन्होंने बताया कि उसे समय की केंद्र सरकार द्वारा हड़ताली कर्मचारियों पर विभिन्न तरह का दबाव बनाया गया. इस कारण चार रेल कर्मी पुलिस की गोली से शहीद हो गये. उनमें काॅमरेड बीआर मालगी (सेंट्रल रेलवे), काॅमरेड श्रीपाल द्विवेदी (उत्तर रेलवे), काॅमरेड भाव बारिया (पश्चिम रेलवे) एवं काॅमरेड एस रामास्वामी (दक्षिण रेलवे) शामिल थे. साथ ही हजारों रेल कर्मियों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया. यह हड़ताल पूरे देश में ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन के नेतृत्व में तत्कालीन महामंत्री काॅमरेड प्रिया गुप्ता तथा अध्यक्ष जॉर्ज फर्नांडिस के नेतृत्व में 20 दिनों तक चलाया गया था. जबकि जमालपुर कारखाना में यह हड़ताल 22 दिनों तक जारी रहा. मजदूर एकता के इस मंजर ने पूरे देश का राजनीतिक फिजा ही बदल कर रख दिया. जिसके कारण आम चुनाव में सत्ताधारी दल को हार का सामना करना पड़ा. शाखा सचिव अनिल प्रसाद यादव ने शहीदों को याद करते हुए कहा कि आज रेल में जितने भी संगठन कम कर रहे हैं. इसमें ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन और ईस्टर्न रेलवे मेंस यूनियन अपना एक अलग स्थान रखती है. वहीं कार्यक्रम के अंत में हड़ताल के दौरान शहीदों की याद में 2 मिनट का मौन रखकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गयी.
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