पहली किस्त में मिली 10 करोड़ की राशि से ऋषिकुंड का हो रहा सौंदर्यीकरण

ऋषिकुंड का सौंदर्यीकरण होगा और यहां आने वाले सैलानियों को हर तरह की सुविधाएं मिलेगी.

बरियारपुर

रामायण काल के आस्था से जुड़ी तपोवन के नाम से मशहूर ऋषिकुंड अब पर्यटन स्थल के रूप में विकसित हो रही है और यहां आने वाले सैलानियों को तमाम तरह की सुविधाएं मिलेगी. हालांकि ऋषिकुंड की खासियत है कि यह प्राकृतिक की वादियों में स्थित है और यहां के कुंड से गर्म जल निकलता है, जो चर्म रोग के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है. इस पानी में बनने वाले भोजन भी अधिक स्वादिष्ट होते हैं.

पहली किस्त में मिली 10 करोड़ की राशि से हो रहा सौंदर्यीकरण

धार्मिक आस्था के अनुसार यहां प्रत्येक तीन वर्ष पर मलमास मेला लगता है जो एक माह तक चलता है. इस मेले में लाखों श्रद्धालु मेला का आनंद लेने पहुंचते हैं. इसकी महत्ता को देखते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने प्रगति यात्रा के दौरान इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की बात कही थी और पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए पहली किस्त में 10 करोड़ की राशि भी जारी कर दी गई है. दूसरी किस्त भी 10 करोड़ रुपये दी जायेगी. जिससे ऋषिकुंड का सौंदर्यीकरण होगा और यहां आने वाले सैलानियों को हर तरह की सुविधाएं मिलेगी. जिससे यहां की रौनकता बढ़ेगी और स्थानीय स्तर रोजगार के भी द्वार खुलेंगे.

कुंड के सौंदर्यीकरण का चल रहा कार्य

ऋषिकुंड विकास मंच के संयोजक मनोज सिंह बताते हैं कि सर्वप्रथम ऋषिकुंड के जमीन की घेराबंदी हेतु चारदिवारी का निर्माण कार्य कराया जायेगा. वर्तमान में दो मंजिला भवन एवं 12 दुकान बनाने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है. इसके अतिरिक्त कुण्डों का सौंदर्यीकरण किया जाएगा. साथ ही पार्किंग, छः यज्ञ मंडप का निर्माण एवं शौचालय बनाया जायेगा. इतना ही नहीं कुंड के समीप महिलाओं के लिए चेजिंग रूम भी बनाया जायेगा. ऋषिकुंड में चल रहे कार्य से लोगों में खुशी है और पूर्ण होने का इंतजार है.

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By ANAND KUMAR

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