मृतक के शव को लेकर दिन भर नर्सिंग होम में डटे रहे परिजनों, पुलिस को करनी पड़ी मशक्कत
मुंगेर. शहर के भूसा गली स्थित ऑर्थो सर्जन डॉ आरके गुप्ता के निजी नर्सिंग होम में रविवार की सुबह पूरबसराय निवासी मरीज 35 वर्षीय युवक मो जुल्फीकार उर्फ जुलो की मौत हो गयी. मौत के बाद आक्रोशित जुलो के परिजनों ने नर्सिंग होम में जमकर हंगामा व तोड़-फोड़ किया. सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने मामला शांत कराया. हंगामा के दौरान चिकित्सक व कर्मी नर्सिंग होम छोड़ कर निकल गये. इधर दिन भर परिजन शव को लेकर नर्सिंग होम में चिकित्सक को सामने लाने की मांग पर अड़े रहे.पैर की टूटी हड्डी जोड़ने के लिए सुबह किया था ऑपरेशन
बताया जाता है कि 35 वर्षीय जुल्फीकार उर्फ जुलो का पांच-छह दिन पूर्व असरगंज के मकबा में सड़क दुर्घटना में दाहिने पैर की हड्डी टूट गयी थी. इसे एंबुलेंस से लेकर डॉ आरके गुप्ता के क्लिनिक में भर्ती कराया गया. इलाज के बाद डॉक्टर ने कहा कि चार-पांच दिन बाद आना. परिजन शनिवार को पुन: उसके नर्सिंग होम में उसे भर्ती कराया. यहां सभी प्रकार की जांच की गयी. रविवार की सुबह टूटी हड्डी को जोड़ने के लिए स्टील रॉड लगाने को लेकर उसे ऑपरेशन किया गया. ऑपरेशन थियेटर से उसे निकाला गया तो उसकी स्थिति काफी खराब हो गयी थी.तबीयत बिगड़ने पर दूसरे नर्सिंग होम किया शिफ्ट, हुई मौत
मृतक के भाई अरसलान ने बताया कि ऑपरेशन थियेटर में ही उसकी तबीयत बिगड़ने लगी थी. उसका ब्लड प्रेशन लगातार गिरता जा रहा था. शिकायत करने पर चिकित्सक डॉ गुप्ता कहते थे सबकुछ नार्मल है. कुछ देर बाद डॉ नागमणी को बुला कर उन्होंने भाई को दिखवाया. इसके बाद मुझे दवा लाने के लिए कौड़ा मैदान डॉ नागमणी का क्लिनिक भेज दिया व मेरे भाई को सेवायान नर्सिंग होम में शिफ्ट होने के लिए भेज दिया. जब परिजन उसे लेकर वहां गये तो वहां के चिकित्सक ने मेरे भाई को मृत घोषित कर दिया. मौत का कारण जानने के लिए परिजन क्लिनिक पर पहुंचे तो डॉ गुप्ता सहित उसके सभी स्टॉप और दवा दुकानदार क्लीनिक व दवा दुकान बंद कर निकल गये.परिजनों ने किया हंगामा, पुलिस ने कराया शांत
परिजन जब मृतक का शव लेकर डॉ गुप्ता के क्लिनिक पहुंचे व क्लिनिक बंद देखा तो सभी आक्रोशित हो गये. परिजनों ने चिकित्सक पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया. क्लिनिक में घुसकर तोड़-फोड़ भी की. परिजनों ने कहा कि अगर चिकित्सक की गलती नहीं थी वह लोग क्यों चले गये. अगर मरीज की तबीयत गंभीर हो गयी थी, तो पहले क्यों नहीं बताया गया. सूचना पर कोतवाली थाना पुलिस पहुंची व आक्रोशितों को शांत कराया. लोग तो शांत हो गये, लेकिन शव लेकर दिन भर क्लिनिक पर ही चिकित्सक के बुलाने की मांग पर डटे रहे. रविवार की शाम पांच बजे तक लोग शव लेकर क्लिनिक पर ही डटे रहे. इधर परिजन का रो-रो कर बुरा हाल हो गया है. भाई अरसलान ने बताया कि उसका भाई रेलवे अंडर टेकिंग बैंक में कार्यरत था. अभी उसकी शादी नहीं हुई थी.कहते हैं चिकित्सक
निजी नर्सिंग होम संचालक डॉ आरके गुप्ता ने बताया कि ऑपरेशन के बाद जब मरीज को वार्ड शिफ्ट किया गया तो उसका ब्लड प्रेशर अचानक गिरने लगा. जिसके बाद उसे सेवायान भेजा गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गयी.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
