पेंच में फंसा पीजी सेमेस्टर-1 में आवेदन रद्द होने वाले विद्यार्थियों को पैसे लौटाने का मामला

साथ ही सूचना जारी कर कहा गया कि इस प्रक्रिया के तहत नामांकन लेने वाले विद्यार्थियों की राशि वापस कर दी जायेगी

– कई विद्यार्थियों द्वारा साइबर कैफे से किया गया है राशि का भुगतान, अब वापस लेना हो रहा मुश्किल

मुंगेर

मुंगेर विश्वविद्यालय द्वारा पूर्व में अपने सत्र 2025-27 पीजी सेमेस्टर-1 में नामांकन को लेकर आवेदन को रद्द करने के बाद अब ऐसे विद्यार्थियों को पैसे लौटाने का मामला पेंच में फंस गया है, क्योंकि नामांकन को लेकर कई विद्यार्थियों द्वारा आवेदन राशि का भुगतान साइबर कैफे से भरा गया है. ऐसे में अब इन विद्यार्थियों के लिये पैसे वापस लेना मुश्किल हो गया है.

बता दें कि एमयू द्वारा दिसंबर 2025 में ही तीन मैरिट लिस्ट के लिये नामांकन प्रक्रिया पूर्ण करने के बाद 15 दिसंबर तक दोबारा विद्यार्थियों से उक्त सत्र के लिये नया आवेदन लिया गया. वही इसके बाद 18 दिसंबर से ऑन-द-स्पॉट प्रक्रिया आरंभ की गयी, लेकिन एक दिन ऑन-द-स्पॉट नामांकन प्रक्रिया संचालित होने के बाद विश्वविद्यालय द्वारा 19 दिसंबर को सूचना जारी कर ऑन-द-स्पॉट नामांकन प्रक्रिया को रद्द कर दिया गया. साथ ही सूचना जारी कर कहा गया कि इस प्रक्रिया के तहत नामांकन लेने वाले विद्यार्थियों की राशि वापस कर दी जायेगी.

पेंच में फंसा राशि वापस करने का मामला

बता दें कि उक्त सत्र में नामांकन को लेकर आवेदन करने वाले विद्यार्थियों और एक दिन चले ऑन-द-स्पॉट प्रक्रिया में नामांकन लेने वाले कई विद्यार्थियों द्वारा आवेदन शुल्क या नामांकन शुल्क साइबर कैफे के माध्यम से जमा किया गया. जिसमें साइबर कैफे संचालक द्वारा ही अपने खाते से शुल्क का भुगतान कर दिया गया, लेकिन अब राशि लेने के लिये विद्यार्थियों को सबसे मुश्किल यह आ रही है कि विश्वविद्यालय द्वारा उस खाते में ही राशि वापस किया जायेगा. जिस खाते से विश्वविद्यालय को शुल्क राशि का भुगतान किया गया है. जिससे अब विद्यार्थियों के सामने मुश्किल आ गयी है कि साइबर कैफे संचालक के खाते में राशि वापस जाने के बाद विद्यार्थी, यह कैसे जान पायेंगे कि उनकी राशि को वापस कर दिया गया है.

कहते हैं डीएसडब्लूय

नामांकन समिति पदाधिकारी सह डीएसडब्लूय प्रो महेश्वर मिश्रा ने बताया कि नियमानुसार जिस खाते से शुल्क का भुगतान विश्वविद्यालय को किया गया है. विश्वविद्यालय द्वारा उसी खाते में राशि को वापस किया जायेगा. ऐसे में विद्यार्थी अपने-अपने शुल्क भुगतान की रसीद के साथ आवेदन विश्वविद्यालय में जमा कर सकते हैं.

B

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By AMIT JHA

AMIT JHA is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >