चाचा-भतीजे के अपहरण सह फिरौती मामले में मद्यनिषेध विभाग का सिपाही गिरफ्तार

ईस्ट कॉलोनी थाना क्षेत्र से हुए चाचा-भतीजे के अपहरण और फिरौती वसूली मामले का पुलिस ने उद्भेदन करते हुए एक अभियुक्त विकास कुमार को गिरफ्तार किया.

अपहरण सह फिरौती वसूली में शामिल अन्य फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस कर रही छापेमारी

शराब मामले में फंसाने का भय दिखाकर दोनों युवकों के परिजनों ने वसूले गये थे 16 हजार रुपये

मुंगेर. ईस्ट कॉलोनी थाना क्षेत्र से हुए चाचा-भतीजे के अपहरण और फिरौती वसूली मामले का पुलिस ने उद्भेदन करते हुए एक अभियुक्त विकास कुमार को गिरफ्तार किया. जो मद्यनिषेध विभाग में सिपाही के पद पर तैनात है. इसने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर दोनों युवकों को अपहरण कर शराब मामले में फंसाने का भय दिखा कर उसके परिजनों से 16 हजार रुपये फिरौती की वसूली की थी.

एसडीपीओ सदर अभिषेक आनंद ने बताया कि ईस्ट कॉलोनी थाना क्षेत्र के नयाटोला केशोपुर जमालपुर निवासी अभिषेक कुमार और उसके 15 वर्षीय भतीजा सत्यमेव कुमार के अपहरण सह फिरौती वसूली का मामले सामने आया था. इसे लेकर ईस्ट कॉलोनी थाना में 5 फरवरी को अभिषेक कुमार के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज की गयी. पुलिस ने मामले के उद्भेदन को लेकर एक टीम का गठन किया. गठित टीम द्वारा तकनीकी अनुसंधान के क्रम में उन चारों व्यक्ति में से एक व्यक्ति, जिसका नाम विकास कुमार हैृ. जो वर्तमान में मद्यनिषेध विभाग में सिपाही के पद पर कार्यरत है कि संलिप्तता पायी गयी. टीम ने विकास कुमार को पुलिस अभिरक्षा में रखकर पूछताछ किया तो उसने अपनी संलिप्तता स्वीकार किया. इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया और न्यायिक अभिरक्षा में शुक्रवार को जेल भेज दिया गया, जबकि इस कांड में शामिल मद्यनिषेध विभाग के एमटीएस कर्मी व उसके दो अन्य साथियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है.

गिरफ्तार सिपाही ने कबूली अपनी संलिप्तता

एसडीपीओ सदर ने बताया कि गिरफ्तार मद्यनिषेध सिपाही विकास कुमार ने कबूल किया कि 3 फरवरी को मद्यनिषेध विभाग मुंगेर में कार्यरत पुअनि पिंटू कुमार, सअनि रमाकांत कुमार व एमटीएस नीरज कुमार के साथ वह शराब की खोज में निकले थे. शराब बरामद नहीं होने पर पुअनि व सअनि सरकारी वाहन से निकल गये, लेकिन विकास कुमार व एमटीएस कर्मी नीरज कुमार अपने दो अन्य साथियों के साथ वहीं आरपीएफ मैदान के पास रूक गये. इसी बीच करीब 7:30 बजे दो लड़के केशोपुर की तरफ से आरपीएफ मैदान की ओर आते दिखे. जिसे रोककर पूछताछ किया और उसके बाद दो बाइक पर बैठाकर दोनों को घटवारी मैदान धरहरा की ओर लेकर चला गया. दोनों को छोड़ने के एवज में उसके परिजनों से 50 हजार रुपये की मांग की. इसमें 16 हजार रुपये प्राप्त कर दोनों पकड़े गये युवकों को घटवारी में ही छोड़कर चारों व्यक्ति जमालपुर वापस आ गये. विकास ने कबूल किया कि शराब मामले में फंसाने की धमकी देकर उसके परिजनों से रुपये की वसूली की.

तीन फरवरी को चाचा-भतीजा का हुआ था फिरौती के लिए अपहरण

अपहृत अभिषेक छूटकर आने के बाद ईस्ट कॉलोनी थाना में लिखित शिकायत किया था कि 3 फरवरी की रात वह अपने भतीजे सत्यमेव कुमार के साथ खाना खाने के बाद टहलने के लिए आरपीएफ मैदान की तरफ निकले थे. जहां चार लोग मैदान में बैठकर शराब पी रहा था. दोनों देखकर आगे बढ़ गये. तभी चारों लोगों ने उन दोनों को घेर लिया और नाम-पता पूछा. यह जानने के बाद कि हमदोनों पासवान समाज से आते है, चारों हमदोनों के साथ मारपीट करने लगे. इसके बाद काला रंग का स्पलैंडर व ब्लू रंग की अपाची पर बैठा लिया और पीएफ धोबी घाट होते हुए जंगल की ओर ले गये. जंगल में ही पहाड़ की तरफ रखकर मुझसे और मेरे भतीजे के ही मोबाइल से घर के मोबाइल पर कॉल करवाया और घर वालों से 50 हजार लेकर आने को बोला गया. इसके बाद हमारे परिजनों ने 16 हजार रुपये दिया. जिसके बाद हमदोनों को देर रात धरहरा के घटवारी में छोड़ दिया.

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By BIRENDRA KUMAR SING

BIRENDRA KUMAR SING is a contributor at Prabhat Khabar.

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