गुप्त सूचना के आधार पर भीमबांध वन्य क्षेत्र के घने जंगलों में चलाए गए इस विशेष ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने चार चालू शराब भट्टियों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया. मौके पर ही करीब 7,645 किलोग्राम सड़ा-गला जावा महुआ (शराब बनाने का कच्चा माल) नष्ट किया गया. इसके अतिरिक्त 510 लीटर तैयार देशी महुआ शराब, तस्करी में इस्तेमाल होने वाली मोटरसाइकिल और साइकिलें भी जब्त की गई हैं.
घने जंगल में चल रहा था शराब बनाने का खेल
गंगटा थानाध्यक्ष राहुल कुमार ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि माफियाओं द्वारा पुलिस की नजरों से बचने के लिए भीमबांध जंगल के सुदूर और दुर्गम इलाकों का फायदा उठाकर बड़े पैमाने पर अवैध देशी महुआ शराब का निर्माण और उसकी सप्लाई चेन चलाई जा रही है. इस सूचना पर त्वरित संज्ञान लेते हुए पुलिस की एक विशेष टीम का गठन किया गया और जंगल में सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया.
भारी मात्रा में सामग्री बरामद, उपकरण जब्त
जैसे ही पुलिस टीम ने चिन्हित ठिकानों पर दबिश दी, वहां अफरा-तफरी मच गई. पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए घेराबंदी की और मौके से निम्नलिखित सामग्रियां बरामद कीं:
- कच्चा माल: 7,645 किलोग्राम सड़ा-गला जावा महुआ (जिसे कानूनी प्रक्रिया के तहत मौके पर ही बहाकर नष्ट कर दिया गया).
- तैयार शराब: 510 लीटर अवैध पैक्ड/खुली देशी महुआ शराब.
- परिवहन के साधन: तस्करी के लिए रखी गई 1 मोटरसाइकिल और 3 साइकिलें.
- उपकरण: शराब चुलाने और तैयार करने में प्रयुक्त होने वाले 4 बड़े धातु के उपकरण और बर्तन.
गिरफ्तार तस्करों में जमुई के अपराधी शामिल
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने भागने का प्रयास कर रहे पांच धंधेबाजों को धर दबोचा. दिलचस्प बात यह है कि गिरफ्तार किए गए सभी आरोपित पड़ोसी जिले जमुई के विभिन्न थाना क्षेत्रों के रहने वाले हैं, जो मुंगेर की सीमा में आकर इस अवैध कारोबार को अंजाम दे रहे थे. पकड़े गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है:
- नरेश कोड़ा (निवासी- सिकंदरा थाना क्षेत्र, जमुई)
- मंटू कोड़ा (निवासी- चौकिया, लक्ष्मीपुर थाना क्षेत्र, जमुई)
- अंतरजानी कोड़ा (निवासी- चौकिया, लक्ष्मीपुर थाना क्षेत्र, जमुई)
- गुज्जर कोड़ा (निवासी- चौकिया, लक्ष्मीपुर थाना क्षेत्र, जमुई)
- सुभाष कोड़ा (उम्र 28 वर्ष, निवासी- गरौनी, बरहट थाना क्षेत्र, जमुई)
मद्य निषेध अधिनियम के तहत केस दर्ज, अन्य की तलाश जारी
गंगटा थानाध्यक्ष राहुल कुमार ने स्पष्ट किया कि गिरफ्तार किए गए पांचों अभियुक्तों के खिलाफ बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम (Bihar Prohibition and Excise Act) की सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा रहा है.
पुलिस अब इस बात का पता लगा रही है कि इस सिंडिकेट के मुख्य सरगना कौन हैं और इस शराब की खेप को किन-किन इलाकों में खपाया जाना था. पुलिस ने चेतावनी दी है कि शराब माफियाओं के खिलाफ जंगल से लेकर मुख्य रिहायशी इलाकों तक यह 'जीरो टॉलरेंस' अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा.
