मुंगेर जिले में अपराध नियंत्रण और लंबित कांडों के त्वरित निष्पादन को लेकर पुलिस प्रशासन ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है. सोमवार को पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद की अध्यक्षता में पुलिस कार्यालय में अपराध गोष्ठी सह समीक्षा बैठक आयोजित की गई. इसमें जिले के सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, अंचल पुलिस निरीक्षक, थानाध्यक्ष और पुलिस कार्यालय के शाखा प्रभारी शामिल हुए. बैठक में अगस्त 2026 में दर्ज कांडों की थानावार समीक्षा करते हुए अपराध नियंत्रण, अनुसंधान और लंबित मामलों के निष्पादन को लेकर अधिकारियों को कई अहम निर्देश दिए गए.
गंभीर अपराधों में फरार आरोपितों की गिरफ्तारी पर जोर
बैठक के दौरान हत्या, लूट, डकैती, दुष्कर्म, पुलिस पर हमला और एससी-एसटी से जुड़े मामलों समेत गंभीर अपराधों की समीक्षा की गई. एसपी ने ऐसे मामलों में फरार आरोपितों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने तथा लंबित कांडों का तेजी से निष्पादन करने का निर्देश दिया. उन्होंने अनुसंधान में तेजी लाते हुए निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप मामलों के निष्पादन पर विशेष जोर दिया.
60 दिनों में एससी-एसटी मामलों के निष्पादन का निर्देश
एससी-एसटी शीर्ष से संबंधित दर्ज कांडों का 60 दिनों के अंदर निष्पादन करने को कहा गया. इसके साथ ही विगत एक सप्ताह के अंदर अंचल पुलिस निरीक्षक स्तर पर लंबित सभी कांडों का पूर्ण रूप से निष्पादन करने का निर्देश दिया गया. लोक शिकायत से संबंधित परिवाद पत्रों के निपटारे में भी तेजी लाने को कहा गया.
चोरी और लूट रोकने के लिए बढ़ेगी चौकसी
गृहभेदन, चोरी, लूट, डकैती और हत्या जैसी घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए विशेष कार्रवाई का निर्देश दिया गया. स्टेशन, बैंक, पेट्रोल पंप और उनके आसपास के क्षेत्रों में सघन चेकिंग अभियान चलाने को कहा गया. साथ ही गश्ती दल और वरीय पुलिस अधिकारियों को नियमित रूप से वाहन जांच करने का निर्देश दिया गया.
नए आपराधिक कानूनों के तहत कार्रवाई पर जोर
समीक्षा बैठक में सभी थानाध्यक्षों को नए आपराधिक कानूनों के तहत निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया. इसके अलावा थानों में चाइल्ड फ्रेंडली कॉर्नर की स्थापना, वारंट, इश्तेहार और कुर्की के निष्पादन पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया.
न्यायालय में समय पर आरोप-पत्र और अंतिम प्रतिवेदन जमा करने तथा गवाहों की समय पर पेशी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए. बैठक में भूमि-मकान अधिग्रहण से जुड़े मामलों की कार्रवाई की भी समीक्षा की गई. पुलिस प्रशासन के सख्त निर्देशों से स्पष्ट है कि अपराध नियंत्रण के साथ-साथ लंबित मामलों के निष्पादन को लेकर अब थानावार जवाबदेही तय की जा रही है.
