Munger Temple : मुंगेर जिला मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर दूर हवेली खड़गपुर अनुमंडल क्षेत्र के दक्षिण-पूर्वी छोर पर स्थित पंचमुखी नाथ शिव मंदिर अपनी ऐतिहासिक और धार्मिक पहचान के लिए प्रसिद्ध है. स्थानीय लोग इसे पंचवदन स्थान के नाम से भी जानते हैं. यह मंदिर खड़गपुर मुख्यालय से मात्र दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और वर्षभर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना रहता है.
पांच मुख वाले महादेव के दर्शन का विशेष महत्व
इस मंदिर में विराजमान भगवान शिव का स्वरूप अत्यंत अद्भुत माना जाता है. पांच मुख और पंचबदन स्वरूप के कारण इन्हें पंचमुखी नाथ या पंचबदन महादेव कहा जाता है. मान्यता है कि यहां सच्चे मन से पूजा-अर्चना करने और जलाभिषेक करने वाले श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. इसी विश्वास के चलते आसपास के दर्जनों गांवों के अलावा दूर-दराज से भी श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं.
'लघु देवघर' के नाम से भी है प्रसिद्ध
पंचमुखी नाथ शिव मंदिर को 'लघु देवघर' के नाम से भी विशेष पहचान मिली हुई है. सावन माह में इसका धार्मिक महत्व और बढ़ जाता है. बड़ी संख्या में शिवभक्त सुल्तानगंज की उत्तरवाहिनी गंगा से पवित्र जल भरकर पैदल यात्रा करते हुए इस मंदिर पहुंचते हैं और बाबा पंचमुखी नाथ का जलाभिषेक करते हैं. पूरे सावन माह मंदिर परिसर 'बोल बम' और 'हर-हर महादेव' के जयघोष से गुंजायमान रहता है.
सालभर उमड़ती है श्रद्धालुओं की भीड़
सावन के अलावा भी यह मंदिर पूरे वर्ष श्रद्धालुओं से गुलजार रहता है. पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक और विशेष अनुष्ठानों के लिए लोग यहां पहुंचते हैं. स्थानीय लोगों का मानना है कि बाबा पंचमुखी नाथ की कृपा से भक्तों की हर मनोकामना पूरी होती है. यही वजह है कि यह मंदिर आज भी मुंगेर की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत का एक महत्वपूर्ण केंद्र बना हुआ है.
