धान की फसल कीड़े से हो रही बर्बाद, किसान सलाहकार नहीं कर रहे समाधान

मॉनसून के साथ लगातार हुई बारिश से धान की फसल को काफी लाभ मिला

टेटियाबंबर

मॉनसून के साथ लगातार हुई बारिश से धान की फसल को काफी लाभ मिला. लेकिन इन दिनों टेटियाबंबर प्रखंड क्षेत्र के सैकड़ों एकड़ खेतों में लगे धान की फसल में कीड़े का प्रकोप बढ़ गया है और धान की फसल सूखने लगी है. जिससे किसानों की चिंताएं बढ़ गई है और पैदावार कम होने से परेशान हैं. जबकि लगातार हुई बारिश से सब्जी की खेती को भी काफी नुकसान पहुंचा.

कीड़े का प्रकोप बढ़ने से धान की बाली सूखकर गिरने लगी

किसानों की मानें तो धान में गब्भा आते ही कीड़े का प्रकोप बढ़ गया है और धान की बाली सूखने लगी है. कई जगहों पर तो धान को कीड़े चाटकर पूरी तरह बर्बादी के कगार पर ला दिया है. जिससे किसान हताश हैं. भुना पंचायत के जगतपुरा, केसौली, धपरी, बनगामा, अम्मा बाजार मौजा में बड़े पैमाने पर खेती करने वाले किसान अब इस बात से चिंतित हैं कि मौसम का साथ मिला, किंतु अब कीड़े के प्रकोप ने धान की फसल को बर्बाद कर रहा है. जिससे फसल जमीन पर गिरती जा रही है. ऐसे में अच्छी पैदावार की परिकल्पना नहीं की जा सकती है.

ससमय समस्या का निदान नहीं हुआ तो फसल हो जायेगी

बर्बाद

किसान वकील मंडल, शिव सिंह, मनोज यादव ने बताया कि फसल में कीड़े लगने के बारे में किसान सलाहकार को जानकारी दी गई. लेकिन वह खेतों में झांकने तक नहीं आ रहे हैं. ऐसे में धान की फसल बर्बादी के कगार पर पहुंचने लगी है. इधर तटबंध के अंदर के कुछ अन्य गांव के लोगों ने भी धान में अज्ञात रोग लगने की बात कही है. अगर समय रहते इसका निदान नहीं किया गया तो किसानों के मेहनत पर पानी फिर जायेगा और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा. बरदघट्टा गांव के किसान शमशेर मंडल ने कहा कि धान की खेत की जुताई के बाद खाद डाला गया जो अब पूरी तरह धान बनकर तैयार हो गया है. लेकिन इसमें तरह-तरह के कीड़े लगकर फसल को बर्बाद कर रहे हैं. फसल में इस तरह के कीड़े पहले कभी नहीं देखा. किसानों ने जिला कृषि पदाधिकारी से धान की फसल में लगे कीड़े की तत्काल जांच कराने का अनुरोध किया है.

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By ANAND KUMAR

ANAND KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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