पांच माह में भर्ती हुए दस्त व डायरिया के 1,069 मरीज, आइसोलेशन वार्ड के नाम पर खुला बरामदा

मई माह के 28 दिनों में ही भर्ती हो चुके हैं दस्त व डायरिया के 298 मरीज

मुंगेर. मुंगेर जिले में गर्मी के दिनों में दस्त व डायरिया के मामले बढ़ जाते हैं. इसे सदर अस्पताल में भर्ती हो रहे मरीजों के आंकड़े को देख कर भी समझा जा सकता है, लेकिन बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था के बीच सदर अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड के नाम पर पुरुष वार्ड का खुला बरामदा ही है. जहां अबतक के 5 माह में कुल 1,069 दस्त व डायरिया के मरीज अपना इलाज करा चुके हैं. जबकि इसमें केवल मई माह के 28 दिनों में ही सदर अस्पताल में दस्त व डायरिया के सर्वाधिक 298 मरीज भर्ती हाे चुके हैं.

मुंगेर जिले में जहां जनवरी से मार्च तक ठंड होता है. वहीं अप्रैल से गर्मी लगभग आरंभ हो जाती है. इसके कारण दस्त व डायरिया के मामले बढ़ जाते हैं. वहीं अप्रैल से लेकर जून तक बेतहाशा गर्मी के कारण इसके मामले बढ़ते हैं. मुंगेर में दस्त व डायरिया के मामले किस कदर बढ़ते हैं. इसका अंदाजा केवल इसी बात से लगाया जा सकता है कि जहां पिछले साल जनवरी से दिसंबर के बीच सदर अस्पताल में दस्त व डायरिया के 4,465 मरीज भर्ती हुए थे. साल 2025 के जनवरी से मई माह के 28 दिनों के बीच सदर अस्पताल में दस्त व डायरिया के कुल 1,069 मरीज इलाज के लिए भर्ती हो चुके हैं. इसमें सर्वाधिक 795 मरीज मार्च से मई माह के बीच भर्ती हुए हैं.

आइसोलेशन वार्ड के नाम पर खुला बरामदा

एक ओर जहां सदर अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार दस्त व डायरिया के सर्वाधिक मरीज भर्ती हो रहे हैं. वहीं बदहाल सदर अस्पताल में मरीजों को आइसोलेशन वार्ड के नाम पर खुला बरामदा मिल रहा है. जहां न तो इन मरीजों को चादर नसीब हो रहा है और न ही समुचित इलाज. हाल यह है कि बिना चिकित्सक के राउंड के दस्त व डायरिया के मरीज केवल स्लाइन चढ़ा कर ही घर चले जा रहे हैं. जबकि अधिक गंभीर मरीजों को अपने लिए दवा लिखाने भी वार्ड से उठकर इमरजेंसी वार्ड में जाना पड़ता है. सबसे बड़ी मुसीबत तो इन दस्त व डायरिया के मरीजों के लिए तेज धूप और लू के अतिरिक्त बारिश के दिनों में होती है. इनके लिये खुले बरामदे पर धूप और लू भरी गर्म हवाओं के अतिरिक्त बारिश के बीच इलाज कराना तक मुश्किल भरा होता है.

कहते हैं सिविल सर्जन

सिविल सर्जन डाॅ विनोद कुमार सिन्हा ने बताया कि मॉडल अस्पताल को जल्द ही हैंडओवर लिया जायेगा. इसकी प्रक्रिया की जा रही है. इसके बाद यहां आइसोलेशन वार्ड को शिफ्ट कर दिया जायेगा. जहां मरीजों को बेहतर सुविधा होगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: ANIMESH KUMAR

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >