Munger University PhD Admission 2026 : मुंगेर विश्वविद्यालय ने सत्र 2024-25-26 के लिए पीएचडी में नामांकन की प्रक्रिया शुरू कर दी है. विश्वविद्यालय की ओर से 8 अगस्त से ऑनलाइन आवेदन लिया जा रहा है. इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थी 27 अगस्त तक समर्थ पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे. इस बार विश्वविद्यालय के 18 विषयों में कुल 296 रिक्त सीटों पर पीएचडी में नामांकन होगा.
बिना विलंब शुल्क 25 अगस्त तक कर सकेंगे आवेदन
विश्वविद्यालय की ओर से जारी सूचना के अनुसार पीएचडी में नामांकन के लिए 8 से 25 अगस्त तक बिना विलंब शुल्क ऑनलाइन आवेदन किया जा सकेगा. इसके बाद 26 और 27 अगस्त को 200 रुपये अतिरिक्त विलंब शुल्क के साथ आवेदन करने का अवसर मिलेगा. अभ्यर्थियों को आवेदन प्रक्रिया समर्थ पोर्टल के माध्यम से पूरी करनी होगी.
यूजीसी-नेट, सीएसआईआर-नेट और गेट अभ्यर्थी ही पात्र
बिहार राज्य विश्वविद्यालय पीएचडी अध्यादेश एवं विनियम-2026 के तहत केवल यूजीसी-नेट, सीएसआईआर-नेट अथवा गेट योग्य अभ्यर्थी ही पीएचडी में नामांकन के लिए पात्र होंगे. अंतिम चयन नेट स्कोर और साक्षात्कार के आधार पर तैयार मेधा सूची से किया जाएगा. इसमें नेट स्कोर को 80 प्रतिशत और साक्षात्कार को 20 प्रतिशत वेटेज दिया जायेगा.
राजनीति विज्ञान में सबसे अधिक 44 सीटें
विश्वविद्यालय की ओर से जारी सीट विवरण के अनुसार राजनीति विज्ञान विषय में सर्वाधिक 44 सीटें उपलब्ध हैं. हिंदी में 43, रसायन विज्ञान में 31 और दर्शनशास्त्र में 30 सीटें निर्धारित हैं. अन्य विषयों में भी रिक्त सीटों के आधार पर नामांकन लिया जायेगा.
आवेदन शुल्क सामान्य, बीसी, ईबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 1500 रुपये निर्धारित किया गया है. वहीं एससी, एसटी और दिव्यांग अभ्यर्थियों को 1200 रुपये आवेदन शुल्क देना होगा.
सितंबर में साक्षात्कार, 21 सितंबर से शुरू होगा कोर्सवर्क
आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद विश्वविद्यालय की ओर से मेधा सूची जारी की जायेगी. चयनित अभ्यर्थियों का साक्षात्कार 1 से 8 सितंबर के बीच आयोजित किया जाएगा. इसके बाद 11 से 17 सितंबर तक पीएचडी में नामांकन प्रक्रिया पूरी होगी. विश्वविद्यालय के अनुसार 21 सितंबर से कोर्सवर्क शुरू किया जाएगा.
पार्ट-टाइम पीएचडी की भी सुविधा
मुंगेर विश्वविद्यालय ने पार्ट-टाइम पीएचडी की भी अनुमति दी है. इसके लिए संबंधित संस्थान से अनापत्ति प्रमाण-पत्र यानी एनओसी लेना अभ्यर्थी के लिए अनिवार्य होगा. विश्वविद्यालय ने पात्र अभ्यर्थियों से निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदन प्रक्रिया पूरी करने की अपील की है.
