मुंगेर : मुंगेर विश्वविद्यालय में पीएचडी नामांकन को लेकर अभ्यर्थियों की रुचि फिलहाल काफी कम दिखाई दे रही है. विश्वविद्यालय की ओर से सत्र 2024-25-26 के लिए 18 विषयों की 296 रिक्त सीटों पर नामांकन को लेकर 8 अगस्त से ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू की गयी है, लेकिन अब तक मात्र 48 अभ्यर्थियों ने ही आवेदन किया है. खास बात यह है कि विज्ञान और वाणिज्य से जुड़े कई विषयों में शोधार्थियों का रुझान बेहद कम है.
विश्वविद्यालय की ओर से पीएचडी नामांकन के लिए 27 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन लिया जा रहा है. बिना विलंब शुल्क के 25 अगस्त तक आवेदन किया जा सकता है, जबकि 26 और 27 अगस्त को 200 रुपये अतिरिक्त विलंब शुल्क के साथ आवेदन करने का अवसर मिलेगा. आवेदन समर्थ पोर्टल के माध्यम से लिया जा रहा है.
कई विषयों में एक भी आवेदन नहीं
विश्वविद्यालय से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार अब तक रसायनशास्त्र में 2, अर्थशास्त्र में 6, अंग्रेजी में 5, हिंदी में 14, इतिहास में 8, राजनीति विज्ञान में 6, मनोविज्ञान में 1, जंतुविज्ञान में 2, भूगोल में 1, संगीत में 1, दर्शनशास्त्र में 1 और उर्दू में 1 अभ्यर्थी ने आवेदन किया है. वहीं कई विषयों में अब तक एक भी आवेदन नहीं आया है.
पीएचडी की 296 सीटों की तुलना में 48 आवेदन आने से स्पष्ट है कि बड़ी संख्या में सीटें फिलहाल खाली रहने की स्थिति बन रही है. विशेष रूप से विज्ञान और वाणिज्य विषयों में शोधार्थियों की कम रुचि विश्वविद्यालय के लिए चिंता का विषय बन सकती है.
नेट और गेट योग्य अभ्यर्थी ही पात्र
विश्वविद्यालय की सूचना के अनुसार बिहार राज्य विश्वविद्यालय पीएचडी अध्यादेश एवं विनियम-2026 के तहत केवल यूजीसी-नेट, सीएसआईआर-नेट अथवा गेट योग्य अभ्यर्थी ही पीएचडी नामांकन के लिए पात्र होंगे. अंतिम चयन नेट अंक को 80 प्रतिशत और साक्षात्कार को 20 प्रतिशत महत्व देते हुए तैयार मेधा सूची के आधार पर किया जाएगा.
पीएचडी नामांकन के लिए सामान्य, बीसी, ईबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए आवेदन शुल्क 1500 रुपये निर्धारित है. वहीं एससी, एसटी और दिव्यांग अभ्यर्थियों को 1200 रुपये शुल्क देना होगा.
सितंबर में साक्षात्कार और नामांकन
आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद विश्वविद्यालय की ओर से मेधा सूची जारी की जाएगी. इसके बाद चयनित अभ्यर्थियों का साक्षात्कार 1 से 8 सितंबर के बीच होगा. नामांकन प्रक्रिया 11 से 17 सितंबर तक चलेगी, जबकि 21 सितंबर से पीएचडी पाठ्यक्रम का पाठ्यक्रम कार्य शुरू किया जाएगा.
