मुंगेर में नये सरकारी डिग्री कॉलेजों को लेकर कुलपति सख्त, ऑनलाइन बैठक में दिये कई अहम निर्देश

Munger University News: मुंगेर विश्वविद्यालय के अंतर्गत नये18 सरकारी डिग्री कॉलेजों के संचालन को लेकर कुलपति प्रो. संजय कुमार ने सख्त निर्देश जारी किये हैं. ऑनलाइन बैठक में कॉलेजों की व्यवस्था, बैंक खाते, वेतन भुगतान और प्रशासनिक समन्वय को लेकर कई अहम फैसले लिये गये.

मुंगेर से अमित झा की रिपोर्ट.

Munger University News: मुंगेर यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर संजय कुमार ने मंगलवार को नये18 सरकारी डिग्री कॉलेजों के नवनियुक्त प्रभारी प्राचार्यों, प्रधान लिपिकों और लेखाकारों के साथ ऑनलाइन समीक्षा बैठक की. बैठक में कुलपति ने कॉलेजों के सुचारू संचालन, वित्तीय व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यों को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करते हुए कहा कि सभी कार्य सरकार और लोक भवन द्वारा तय नियमों के अनुसार ही संचालित किये जाएं.

बैंक खाते खोलने पर दिया विशेष जोर

बैठक के दौरान कुलपति ने सभी कॉलेजों को वेतन और कोष खाते जल्द से जल्द खोलने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि बैंकिंग कार्य शुरू होने से सरकारी कोष के हस्तांतरण और कर्मचारियों के वेतन भुगतान में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी.

कुलपति ने बताया कि संबंधित राष्ट्रीयकृत बैंकों को इस संबंध में पहले ही पत्र भेजा जा चुका है. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि खाते खोलने की प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए.

स्थानीय जनप्रतिनिधियों से समन्वय की सलाह

प्रो. संजय कुमार ने प्रभारी प्राचार्यों और कर्मचारियों को स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जागरूक नागरिकों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर कार्य करने की सलाह दी.

उन्होंने कहा कि नए कॉलेजों के सफल संचालन के लिए सामाजिक सहयोग और स्थानीय स्तर पर सकारात्मक संवाद बेहद जरूरी है. इससे शैक्षणिक माहौल बेहतर होगा और कॉलेजों का विकास तेजी से हो सकेगा.

कॉलेजों के संचालन को लेकर प्रशासनिक सक्रियता

बैठक में विश्वविद्यालय प्रशासन ने कॉलेजों में आधारभूत सुविधाओं, प्रशासनिक व्यवस्था और नियमित कार्य संचालन को लेकर भी चर्चा की.

विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि नवस्थापित कॉलेजों के बेहतर संचालन से उच्च शिक्षा का दायरा ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों तक मजबूत होगा.

कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

ऑनलाइन बैठक में डीएसडब्ल्यू प्रो. महेश्वर मिश्रा, कुलसचिव डॉ. घनश्याम राय, वित्त अधिकारी राजेंद्र प्रसाद, उप कुलसचिव द्वितीय डॉ. अंशु राय और डॉ. स्मृति कुमारी सहित कई विश्वविद्यालय अधिकारी मौजूद रहे.

बैठक के दौरान सभी कॉलेज प्रतिनिधियों को तय समय सीमा के भीतर आवश्यक कार्य पूरे करने का निर्देश दिया गया.

Also Read: IGIMS में आयुष्मान घोटाला, 45 लाख का गबन, चार आउटसोर्स कर्मियों पर केस, फंसेंगे कई और

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >