Snake Bite: बारिश की शुरुआत होते ही सदर अस्पताल के ओपीडी और इमरजेंसी वार्ड में मरीजों की तादाद अचानक बढ़ गई है. पिछले 5 दिनों में सर्पदंश के 4 मामलों के साथ-साथ दस्त (डायरिया) और वायरल बुखार के मरीजों में भारी उछाल दर्ज किया गया है. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिले के सिविल सर्जन ने आम जनता, विशेषकर ग्रामीण इलाकों के लोगों के लिए विशेष स्वास्थ्य एडवाइजरी जारी की है.
पांच दिनों में सर्पदंश के 4 मामले, एक युवक ने तोड़ा दम
अस्पताल के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 5 जुलाई से लेकर अब तक (महज पांच दिनों में) सर्पदंश के कुल 4 मामले इमरजेंसी वार्ड में दर्ज किए गए. दुर्भाग्यवश, इनमें से एक युवक की हालत अत्यंत गंभीर होने के कारण इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.
अस्पताल प्रबंधन ने सर्पदंश के मामलों का तारीखवार ब्यौरा इस प्रकार दिया है:
- 06 जुलाई: सर्पदंश का 1 मामला आया.
- 07 जुलाई: अस्पताल में एक ही दिन रिकॉर्ड 2 मामले दर्ज किए गए.
- 08 जुलाई: सांप काटने का 1 और मरीज इलाज के लिए आपातकालीन कक्ष पहुंचा.
दस्त और बुखार के मरीजों से पटे वार्ड, ओपीडी में भारी भीड़
मौसम में आए अचानक बदलाव और दूषित पानी व खानपान के कारण जलजनित (वाटर-बॉर्न) बीमारियों का खतरा बढ़ गया है. सदर अस्पताल की स्थिति निम्नवत है:
- रोजाना की ओपीडी: अस्पताल के सामान्य ओपीडी में प्रतिदिन 40 से 50 मरीज केवल तेज बुखार और दस्त (उल्टी-दस्त) की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं.
- इमरजेंसी वार्ड की स्थिति: पिछले 5 दिनों के भीतर गंभीर स्थिति में आने वाले दस्त के सर्वाधिक 27 मरीजों को इमरजेंसी वार्ड में भर्ती (एडमिट) करना पड़ा है. इसके अलावा इसी अवधि में गंभीर बुखार से पीड़ित 14 अन्य मरीजों को भी इनडोर वार्ड में शिफ्ट कर इलाज किया जा रहा है.
कहते हैं सिविल सर्जन: झाड़-फूंक से बचें, तुरंत आएं अस्पताल
मुंगेर के सिविल सर्जन डॉ. राजू ने जिले में बढ़ रहे इन मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए आम नागरिकों से सजग रहने की अपील की है:
"बारिश के मौसम में ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में जलजमाव के कारण सांप अपने बिलों से बाहर निकलने लगते हैं, जिससे सर्पदंश की घटनाएं बढ़ती हैं. वहीं, हवा और पानी में बैक्टीरिया पनपने से दस्त और बुखार आना इस मौसम में सामान्य है. लोगों को घबराने के बजाय सावधान रहने की जरूरत है. यदि किसी को सांप काटे, तो ओझा-गुणी या झाड़-फूंक के अंधविश्वास में समय नष्ट न करें, बल्कि सीधे नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र आएं. हमारे यहां एंटी-वेनम और जीवन रक्षक दवाएं प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं." — डाॅ. राजू, सिविल सर्जन (मुंगेर)
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जरूरी सावधानियां:
- ग्रामीण इलाकों में रात के समय सोते समय अनिवार्य रूप से मच्छरदानी का प्रयोग करें और जमीन पर सोने से बचें.
- रात में घर से बाहर निकलते समय टॉर्च या रोशनी का इस्तेमाल जरूर करें और झाड़ियों के पास न जाएं.
- इस मौसम में केवल उबला हुआ या शुद्ध पेयजल ही पिएं तथा बासी भोजन का सेवन करने से पूरी तरह परहेज करें.
