Munger News: मुंगेर सदर अस्पताल में अब यदि पोस्टमार्टम या इलाज के दौरान मौत होने के बाद शव वाहन उपलब्ध नहीं होगा, तो अस्पताल प्रबंधन मृतक के परिजनों के लिए निजी वाहन की व्यवस्था करेगा. इस संबंध में सिविल सर्जन डॉ. राजू ने अस्पताल प्रशासन को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं. उन्होंने कहा है कि किसी भी परिस्थिति में परिजनों को शव ई-रिक्शा, ठेले या अन्य असुरक्षित साधनों से ले जाने के लिए मजबूर नहीं होना चाहिए.
यह फैसला हाल ही में वायरल हुए उस वीडियो के बाद लिया गया है, जिसमें पोस्टमार्टम के बाद एक शव को रस्सी से बांधकर ई-रिक्शा पर ले जाया जा रहा था. वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मामले का संज्ञान लिया और नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय किया.
शव वाहन उपलब्ध नहीं होने पर तुरंत होगी वैकल्पिक व्यवस्था
सिविल सर्जन डॉ. राजू ने बताया कि सदर अस्पताल में शव वाहन की व्यवस्था पहले से उपलब्ध है, जिसका उपयोग पोस्टमार्टम या इलाज के दौरान मृत्यु होने पर शव को उसके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए किया जाता है.
हालांकि, कई बार ऐसी शिकायतें मिली हैं कि शव वाहन उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में परिजनों को मजबूरी में शव को ई-रिक्शा, ठेला या अन्य साधनों से ले जाना पड़ता है. उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था मानवीय दृष्टिकोण और स्वास्थ्य सेवा दोनों की दृष्टि से अनुचित है.
रोगी कल्याण समिति मद से होगा भुगतान
नए निर्देश के अनुसार यदि किसी समय अस्पताल का शव वाहन उपलब्ध नहीं होता है, तो अस्पताल प्रबंधन निजी वाहन की व्यवस्था करेगा.
इसके लिए रोगी कल्याण समिति (RKS) मद से राशि खर्च की जाएगी, ताकि शव को सम्मानपूर्वक उसके गंतव्य तक पहुंचाया जा सके. अस्पताल प्रशासन को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि परिजनों को वाहन की व्यवस्था के लिए इधर-उधर भटकना न पड़े.
वायरल वीडियो के बाद लिया गया फैसला
बीते दिनों मुंगेर में पोस्टमार्टम के बाद एक शव को रस्सी से बांधकर ई-रिक्शा पर ले जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था.
इस घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था और मानवीय संवेदनाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए थे. वीडियो के बाद सिविल सर्जन ने मामले का संज्ञान लेते हुए अस्पताल प्रबंधन को विशेष निर्देश जारी किए.
“शव के सम्मान से कोई समझौता नहीं”
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अस्पताल में इलाज के दौरान मृत्यु होने वाले मरीजों और पोस्टमार्टम के बाद शव ले जाने वाले परिजनों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करना अस्पताल की जिम्मेदारी है.
नए निर्देश का उद्देश्य यह है कि किसी भी परिवार को आर्थिक या व्यवस्थागत कारणों से शव को असम्मानजनक तरीके से ले जाने के लिए मजबूर न होना पड़े.
Munger News: अस्पताल प्रशासन को निगरानी बढ़ाने का निर्देश
सिविल सर्जन ने अस्पताल प्रबंधन से कहा है कि शव वाहन की उपलब्धता, वैकल्पिक वाहन व्यवस्था और संबंधित भुगतान प्रक्रिया की नियमित निगरानी की जाए.
उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में यदि इस प्रकार की कोई घटना दोबारा सामने आती है, तो संबंधित स्तर पर जवाबदेही तय की जाएगी.
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