Munger News: बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ (एक्टू) और बिहार लोकल बॉडीज इम्प्लाइज फेडरेशन के संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर गुरुवार से मुंगेर नगर निगम के कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर उतर गए. हड़ताल का असर शहर की सफाई व्यवस्था और अन्य नगर निगम सेवाओं पर साफ दिखाई देने लगा है.
हड़ताल के पहले दिन ठप हुई सफाई व्यवस्था
गुरुवार सुबह बड़ी संख्या में सफाई कर्मी और नगर निगम के कर्मचारी निगम परिसर में एकत्र हुए और अपनी मांगों के समर्थन में हड़ताल शुरू कर दी. कर्मचारियों ने सरकार और नगर निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आंदोलन तेज किया. हड़ताल के कारण शहर की सड़कों पर नियमित सफाई नहीं हो सकी और विभिन्न डंपिंग प्वाइंट से कचरे का उठाव भी प्रभावित रहा. कई इलाकों में गंदगी जमा होने लगी, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा.
तीन सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन
संयुक्त संघर्ष मोर्चा की प्रमुख मांगों में वर्षों से कार्यरत दैनिक वेतनभोगी, संविदा और अन्य अस्थायी कर्मचारियों का नियमितीकरण, नगर निकायों में ठेका एवं आउटसोर्सिंग व्यवस्था समाप्त करना तथा सभी कर्मियों को एसीपी, एमएसीपी का लाभ और लंबित बकाया राशि का भुगतान शामिल है. कर्मचारियों का कहना है कि वे नगर निगम की विभिन्न सेवाओं का आधार हैं, लेकिन अब तक उन्हें स्थायी सेवा से मिलने वाले अधिकार और सुविधाएं नहीं मिल सकी हैं.
समान कार्य के लिए समान वेतन की मांग
महासंघ का आरोप है कि ठेका और आउटसोर्सिंग व्यवस्था के कारण कर्मचारियों का आर्थिक शोषण हो रहा है. उन्होंने समान कार्य के लिए समान वेतन, वेतन का सीधे कर्मचारियों के बैंक खातों में भुगतान और सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग दोहराई. कर्मचारियों का कहना है कि उनकी मांगें लंबे समय से लंबित हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है.
वार्ता नहीं होने पर शुरू हुआ आंदोलन
महासंघ के जिला महासचिव ब्रह्मदेव महतो ने बताया कि सरकार को 29 जुलाई तक वार्ता कर मांगों पर निर्णय लेने का समय दिया गया था. निर्धारित अवधि तक कोई सकारात्मक पहल नहीं होने के कारण पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत गुरुवार से राज्यव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी गई है. उन्होंने स्पष्ट किया कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा.
