रेफरल कम करने की तैयारी, सदर अस्पताल मुंगेर में अब होगी 9 तरह की सर्जरी

मुंगेर के सदर अस्पताल में अब मरीजों को 9 तरह की सर्जरी की सुविधा मिल रही है। स्वास्थ्य विभाग रेफरल पॉलिसी को मजबूत कर मरीजों को बेहतर इलाज मुहैया करा रहा है।

मुंगेर : मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उनके नजदीकी सरकारी अस्पताल में उपलब्ध कराने और रेफरल के मामलों में कमी लाने के उद्देश्य से जिले में सरकार की नई रेफरल व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है. इसके तहत सदर अस्पताल सहित जिले के सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में ऑपरेशन की सुविधाओं को लगातार सुदृढ़ किया जा रहा है. जिला स्तर से इसकी नियमित निगरानी भी की जा रही है. यह जानकारी सिविल सर्जन डॉ राजू ने दी.

सदर अस्पताल में 9 तरह की सर्जरी की सुविधा

सिविल सर्जन ने बताया कि नई रेफरल व्यवस्था के तहत सदर अस्पताल में ऑपरेशन की सुविधाओं का विस्तार किया गया है. वर्तमान में यहां मरीजों को हाइड्रोसील, हर्निया, मोतियाबिंद, अंतर्गर्भाशयी गर्भसमापन, एमटीपी, कोलिसिस्टेक्टॉमी, सी-सेक्शन, बंध्याकरण और द्विपक्षीय सर्जरी की सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है.

वहीं जिले के अन्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में हर्निया, हाइड्रोसील, सी-सेक्शन और बंध्याकरण सहित पांच प्रकार की सर्जरी की सुविधा नि:शुल्क उपलब्ध है. ऑपरेशन की सुविधा बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य संस्थानों के ऑपरेशन कक्ष को आवश्यक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है.

एक माह में 156 मरीजों की हुई सर्जरी

सिविल सर्जन ने बताया कि पिछले छह माह में जिले को कई सर्जन और सामान्य चिकित्सा पदाधिकारी मिले हैं. चिकित्सकों की संख्या बढ़ने से सर्जरी की संख्या में भी वृद्धि हुई है.

15 जून से 15 जुलाई के बीच सदर अस्पताल में मात्र 65 मरीजों की सर्जरी हुई थी. वहीं 15 जुलाई से 15 अगस्त के बीच यह संख्या बढ़कर 156 हो गयी. इस अवधि में हाइड्रोसील के 32, हर्निया के 7, सी-सेक्शन के 80 और एमटीपी के 4 ऑपरेशन किए गए.

इसी तरह 15 जून से 15 जुलाई के बीच सदर अस्पताल को छोड़कर जिले के अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में 79 मरीजों की सर्जरी हुई थी. 15 जुलाई से 15 अगस्त के बीच यह संख्या बढ़कर 137 हो गयी. इनमें हर्निया के 7, हाइड्रोसील के 1 और सी-सेक्शन के 8 ऑपरेशन शामिल हैं.

जल्द शुरू होगी हड्डी की सर्जरी

मुंगेर। सदर अस्पताल में जल्द ही हड्डी की सर्जरी की सुविधा भी शुरू होगी. हाल ही में हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ अजिंक्य गौतम ने सदर अस्पताल में योगदान दिया है. सर्जरी शुरू करने के लिए विभाग की ओर से सी-आर्म मशीन सहित अन्य आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे.

अस्पताल प्रबंधन को इमरजेंसी वार्ड स्थित लघु ऑपरेशन कक्ष को तैयार करने का निर्देश दिया गया है. सिविल सर्जन ने बताया कि हड्डी की सर्जरी शुरू होने के बाद सड़क दुर्घटना, मारपीट और अन्य घटनाओं में घायल मरीजों को उपचार के लिए दूसरे अस्पतालों में रेफर करने की जरूरत कम होगी और सदर अस्पताल में ही सर्जरी की सुविधा मिल सकेगी.


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लेखक के बारे में

By अमित झा

अमित झा प्रिंट माध्यम में 06 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सामाजिक कार्यों, शिक्षा, राजनीति व खेल में रुचि रखते हैं.

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