Marine Drive In Bihar: मुंगेर में गंगा किनारे बनने वाला मरीन ड्राइव यानी गंगा पथवे अब धीरे-धीरे जमीन पर उतरने लगा है. फिलहाल निर्माण कार्य पूरी तरह शुरू नहीं हुआ है, लेकिन पहले चरण में मिट्टी जांच और अन्य शुरुआती काम तेजी से किए जा रहे हैं.
यह महत्वाकांक्षी परियोजना मुंगेर के सफियाबाद हेरूदियारा से शुरू होकर सुल्तानगंज और फिर भागलपुर के सबौर तक जाएगी. इसके पूरा होने के बाद मुंगेर और आसपास के जिलों में विकास की नई तस्वीर देखने को मिल सकती है.
83 किलोमीटर लंबा होगा गंगा पथवे
गंगा पथवे परियोजना की कुल लंबाई करीब 83 किलोमीटर होगी. पहले चरण में सफियाबाद हेरूदियारा से बरियारपुर और घोरघट होते हुए सुल्तानगंज तक लगभग 42 किलोमीटर सड़क बनाई जाएगी. वहीं दूसरे चरण में सुल्तानगंज से भागलपुर और सबौर तक करीब 40.80 किलोमीटर लंबा मरीन ड्राइव तैयार होगा. यह बिहार की पहली ऐसी सड़क परियोजना होगी, जिसे हाइब्रिड एन्युटी मॉडल पर विकसित किया जा रहा है.
एलिवेटेड सड़क और अंडरपास की सुविधा
पहले चरण में बनने वाले गंगा पथ में 29 किलोमीटर से अधिक एटग्रेड सड़क और करीब 13 किलोमीटर एलिवेटेड सड़क होगी. इसके अलावा 14 छोटे और 13 बड़े व्हीकल अंडरपास बनाए जाएंगे. परियोजना में दो टोल प्लाजा, गंगा किनारे 16 घाटों का सौंदर्यीकरण और विश्राम स्थल भी बनाए जाएंगे. इससे लोगों को बेहतर और सुरक्षित सफर की सुविधा मिलेगी.
बरसात के बाद तेज होगा निर्माण कार्य
हाल ही में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुंगेर पहुंचकर गंगा पथ परियोजना की प्रगति की समीक्षा की थी. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बरसात खत्म होते ही निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए ताकि परियोजना तय समय में पूरी हो सके.
रोजगार और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
गंगा मरीन ड्राइव सिर्फ सड़क परियोजना नहीं होगी, बल्कि यह इलाके की अर्थव्यवस्था को भी नई रफ्तार देगी. सड़क बनने के बाद आसपास होटल, फूड स्टॉल, दुकानें और छोटे व्यवसाय तेजी से बढ़ सकते हैं.
इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा. लोग गंगा किनारे घूमने और प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेने पहुंच सकेंगे. साथ ही घाटों के विकास से धार्मिक पर्यटन को भी नई पहचान मिलने की उम्मीद है.
