अटूट आस्था का प्रतीक है शादीपुर की बड़ी दुर्गा महारानी, हर मुराद होती है पूरी

मुंगेर के शादीपुर स्थित बड़ी दुर्गा महारानी के दरबार में हाजिरी लगाने के लिए दूर-दराज से भक्तों का तांता लगा हुआ है. अपनी पौराणिक महत्ता और मनोकामना पूर्ति की मान्यताओं के कारण यह स्थल बिहार के सबसे बड़े आस्था केंद्रों में से एक माना जाता है.

मुंगेर. बिहार के ऐतिहासिक शहरों में शुमार मुंगेर का मध्य क्षेत्र शादीपुर इन दिनों भक्ति और शक्ति की आराधना का प्रमुख केंद्र बना हुआ है. यहाँ स्थित ‘बड़ी दुर्गा महारानी’ का मंदिर न केवल स्थानीय लोगों के लिए बल्कि पड़ोसी जिलों और अन्य राज्यों के श्रद्धालुओं के लिए भी अगाध श्रद्धा का स्थल है. माँ के दर्शन के लिए प्रतिदिन हजारों की संख्या में भक्त मंदिर पहुँच रहे हैं.

मनोकामना पूर्ति की है विशेष मान्यता

शादीपुर बड़ी दुर्गा महारानी के प्रति भक्तों का विश्वास अटूट है. मुंगेर के अलावा खगड़िया, बेगूसराय, लखीसराय और जमुई जैसे जिलों से बड़ी संख्या में लोग यहाँ माथा टेकने आते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो भी भक्त माँ के दरबार में सच्ची श्रद्धा के साथ प्रार्थना करता है, माँ उसकी झोली खुशियों से भर देती हैं. विशेषकर दुखों और संकटों से मुक्ति पाने के लिए लोग माँ की शरण में पहुँचते हैं. नवरात्र के दौरान यहाँ की भीड़ को नियंत्रित करना प्रशासन के लिए भी एक बड़ी चुनौती बन जाती है.

भक्ति रस में सराबोर रहता है मंदिर परिसर

बड़ी महारानी के मंदिर का वातावरण सदैव भक्तिमय बना रहता है. सुबह के समय ढोल-नगाड़ों की गूंज और पारंपरिक भक्ति गीतों के बीच होने वाली विशेष आरती श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर देती है. यहाँ आने वाले श्रद्धालु धूप, दीप और पुष्प अर्पित कर सपरिवार सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं. मंदिर परिसर में गूंजते जयकारों से पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर जाता है.

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Published by: Divyanshu Prashant

Divyanshu Prashant is a contributor at Prabhat Khabar.

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