Munger News: मुंगेर के ऐतिहासिक कष्टहरणी घाट पर मंगलवार का दिन एक बेहद दर्दनाक हादसे और फिर इंसानियत की सबसे खूबसूरत मिसाल का साक्षी बना. गंगा नदी के पावन जल में आस्था की डुबकी लगाने आई 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला अचानक नदी की तेज धार में फंसकर बहने लगीं. जब पानी का तेज बहाव उन्हें दूर खींच ले गया और सांसें टूटने लगीं, तो मौत और जिंदगी के बीच सिर्फ कुछ सेकंड का फासला बचा था. ठीक उसी पल दो जांबाज गोताखोरों ने अपनी जान की परवाह किए बिना उफनती गंगा में छलांग लगा दी. काफी मशक्कत के बाद जब गोताखोरों ने महिला को सुरक्षित बाहर निकाला, तो घाट पर मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं.
गंगा स्नान के दौरान अचानक बिगड़े हालात, बबुआ घाट से बहकर पहुंचीं कष्टहरणी घाट
जानकारी के अनुसार, मुंगेर शहर के बड़ी बाजार इलाके की रहने वाली निर्मला देवी (60 वर्ष) मंगलवार को सामान्य दिनों की तरह बबुआ घाट पर गंगा स्नान करने पहुंची थीं. स्नान करने के दौरान उनका पैर गहरे पानी में चला गया और वह गंगा नदी की मुख्य धारा की चपेट में आ गईं. पानी का बहाव इतना तेज था कि निर्मला देवी संभल नहीं सकीं और बहने लगीं. देखते ही देखते तेज धारा उन्हें बबुआ घाट से बहाकर कष्टहरणी घाट तक ले आई. पानी में लगातार हाथ-पैर मारते और तैरने की नाकाम कोशिश करते-करते बुजुर्ग महिला पूरी तरह थक चुकी थीं. घाट से दूर बीच धारा में तड़पती महिला की हिम्मत जवाब दे रही थी और वह डूबने लगी थीं.
मौत से जंग और गोताखोरों का हैरतअंगेज रेस्क्यू
कष्टहरणी घाट पर मुस्तैद दो स्थानीय गोताखोरों की नजर जैसे ही बीच धारा में डूब रही बुजुर्ग महिला पर पड़ी, उन्होंने एक पल की भी देरी नहीं की. अपनी जान जोखिम में डालते हुए दोनों गोताखोरों ने तेज बहाव वाली गंगा में छलांग लगा दी. लहरों से टकराते हुए गोताखोर तेजी से महिला की तरफ बढ़े और डूब रही निर्मला देवी को मजबूती से थाम लिया. गंगा की उफनती लहरों के बीच से महिला को किनारे तक लाना किसी चुनौती से कम नहीं था. बेहद मशक्कत और सूझबूझ के बाद गोताखोरों ने महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. घाट पर मौजूद लोगों ने जब महिला को किनारे पर जिंदा सांस लेते देखा, तो पूरा माहौल तालियों और राहत की सांसों से भर गया.
भावुक महिला ने ऑफर किया सोने का लॉकेट, गोताखोरों के जवाब ने जीता दिल
मौत के मुंह से सही-सलामत बाहर निकलने के बाद निर्मला देवी काफी भावुक हो गईं. अपनी जिंदगी बचाने वाले इन दो अनजान नौजवानों के प्रति कृतज्ञता जताने के लिए उनके पास शब्द कम पड़ गए थे. आंसुओं से भरी आंखों के साथ महिला ने अपनी जान बचाने के एवज में अपने गले में पहना हुआ सोने का लॉकेट निकालकर गोताखोरों को देने की कोशिश की. हालांकि, दोनों जांबाज गोताखोरों ने बिना किसी हिचकिचाहट के उस महंगे सोने के लॉकेट को लेने से साफ इनकार कर दिया. गोताखोरों ने कहा कि किसी की जिंदगी बचाना उनका फर्ज और इंसानियत है, इसका कोई मोल नहीं लगाया जा सकता. गोताखोरों की इस निस्वार्थ भावना ने वहां मौजूद हर इंसान का दिल जीत लिया.
Munger News: गंगा घाटों पर सुरक्षा की चुनौती और प्रशासनिक व्यवस्था
इस घटना ने जहां एक तरफ इंसानियत और बहादुरी की अनूठी मिसाल पेश की है, वहीं दूसरी तरफ मुंगेर के गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. गंगा नदी का जलस्तर और बहाव अक्सर अनिश्चित होता है, जिससे स्नान करने आने वाले श्रद्धालुओं के लिए खतरा बना रहता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को बबुआ घाट और कष्टहरणी घाट जैसे प्रमुख स्नान घाटों पर सुरक्षा बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड और प्रशिक्षित गोताखोरों की स्थायी तैनाती सुनिश्चित करनी चाहिए. यदि समय रहते गोताखोरों की नजर महिला पर न पड़ती, तो एक बड़ा हादसा हो सकता था.
