मोतितरी गांव के प्रावि को दो किमी दूर टैग करने से भड़के ग्रामीण, बोले- छोटे बच्चों की पढ़ाई पर पड़ेगा असर

Munger School News : मोतितरी गांव के प्राथमिक विद्यालय को दो किलोमीटर दूर मध्य विद्यालय से टैग किए जाने से ग्रामीण भड़क गए हैं. उनका कहना है कि इससे छोटे बच्चों की नियमित पढ़ाई प्रभावित होगी, खासकर दलित और आदिवासी समुदाय के बच्चों की शिक्षा पर गहरा असर पड़ेगा.

Munger School News : हवेली खड़गपुर प्रखंड की गंगटा पंचायत अंतर्गत एससी, एसटी एवं महादलित बहुल मोतितरी गांव के प्राथमिक विद्यालय को दो किलोमीटर दूर स्थित मध्य विद्यालय गंगटा मोड़ से संबद्ध (टैग) किए जाने के विरोध में ग्रामीणों और अभिभावकों ने नाराजगी जताई है. उनका कहना है कि छोटे बच्चों के लिए प्रतिदिन इतनी दूरी तय करना कठिन होगा, जिससे उनकी नियमित पढ़ाई प्रभावित होगी.

52 बच्चों का गांव में संचालित हो रहा था विद्यालय

ग्रामीणों के अनुसार प्राथमिक विद्यालय मोतितरी वर्षों से गांव के सामुदायिक भवन में संचालित हो रहा है. विद्यालय का पुराना भवन जर्जर होने के कारण वहां पढ़ाई संभव नहीं थी. वर्तमान में विद्यालय में 52 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं, जिनमें अधिकांश एससी, एसटी और महादलित समुदाय से हैं.

भवन और सुविधाओं के अभाव में लिया गया फैसला

जिला शिक्षा पदाधिकारी के निर्देश पर प्रखंड विकास पदाधिकारी-सह-प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी द्वारा विद्यालय का निरीक्षण कराया गया. निरीक्षण में विद्यालय के भवनहीन होने तथा शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी का उल्लेख किया गया. इसके आधार पर प्राथमिक विद्यालय मोतितरी को अगले आदेश अथवा नए भवन के निर्माण तक मध्य विद्यालय गंगटा मोड़ से अस्थायी रूप से संबद्ध कर दिया गया.

संयुक्त रूप से चलेगी पढ़ाई और मध्याह्न भोजन

आदेश के अनुसार दोनों विद्यालयों के छात्र-छात्राओं की संयुक्त रूप से पढ़ाई होगी. मध्याह्न भोजन और अन्य शैक्षणिक गतिविधियां भी मध्य विद्यालय गंगटा मोड़ में संचालित होंगी. मोतितरी विद्यालय के शिक्षकों की सेवा भी वहीं ली जाएगी, हालांकि दोनों विद्यालयों का यू-डायस कोड और विद्यालय शिक्षा समिति अलग-अलग बनी रहेगी.

ग्रामीण बोले- दलित और आदिवासी बच्चों की शिक्षा होगी प्रभावित

ग्रामीण रामरूप टुडू, रमेश टुडू, सुदीन मांझी, राजेश कुमार, मीरा देवी, दीपक बास्की, विजय मांझी, जवाहर मंडल, मोती मांझी और अमित मंडल ने कहा कि दो किलोमीटर दूर विद्यालय होने से छोटे बच्चों का नियमित जाना संभव नहीं होगा. इससे विशेष रूप से दलित, आदिवासी और महादलित समुदाय के बच्चों की शिक्षा प्रभावित होगी. उन्होंने मांग की कि विद्यालय का संचालन पहले की तरह मोतितरी गांव के सामुदायिक भवन में ही किया जाए.

अधिकारियों का पक्ष भी आया सामने

प्रखंड विकास पदाधिकारी-सह-प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी प्रियंका कुमारी ने बताया कि सामुदायिक भवन में पानी और शौचालय सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं तथा वहां विद्यालय का संचालन संभव है. हालांकि जिला शिक्षा पदाधिकारी के निर्देश के अनुसार फिलहाल विद्यालय का संचालन मध्य विद्यालय गंगटा मोड़ से ही किया जाएगा. वहीं गंगटा पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि नवल किशोर मंडल ने भी इस आदेश का विरोध करते हुए विद्यालय को मोतितरी गांव में ही संचालित करने की मांग की है.

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