मानसून की बेरुखी ने बढ़ाई किसानों की चिंता, धान के खेतों में पड़ने लगीं दरारें

मानसून के बीच बारिश न होने से खेतों में दरारें पड़ गई हैं। धान की फसल बचाने के लिए किसान बोरिंग और पंप सेट के सहारे सिंचाई करने को मजबूर हैं।

मुंगेर : मानसून के बीच मौसम की बेरुखी ने प्रखंड क्षेत्र के किसानों की चिंता बढ़ा दी है. कई दिनों से बारिश नहीं होने और तेज धूप के कारण धान के खेत सूखने लगे हैं. खेतों में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ने से किसानों को फसल बर्बाद होने की चिंता सताने लगी है.

किसानों के अनुसार सावन में भी पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण अब तक क्षेत्र के करीब 10 से 15 प्रतिशत भू-भाग में धान की रोपाई नहीं हो सकी है. धान की रोपाई के लिए तैयार किए गए खेत बारिश के अभाव में सूख गए हैं. वहीं जिन खेतों में धान की रोपाई हो चुकी है, वहां भी पानी की कमी के कारण दरारें पड़ने लगी हैं.

बोरिंग और पंप के सहारे पटवन की मजबूरी

बारिश नहीं होने से किसान बोरिंग और पंपसेट के सहारे खेतों में पानी पहुंचाने में जुटे हैं. इससे खेती की लागत बढ़ रही है. किसानों का कहना है कि धान रोपाई का अंतिम चरण चल रहा है, लेकिन बारिश नहीं होने के कारण खेतों में पानी देने के लिए अतिरिक्त खर्च और मेहनत करनी पड़ रही है.

किसान ध्रुव कुमार सिंह, श्याम बिहारी सिंह, बमबम सिंह, रमणी मोहन सिंह और कन्हाई प्रसाद सिंह ने बताया कि बोरिंग और पंपसेट के सहारे खेती करने में काफी अधिक लागत आ रही है. यदि जल्द बारिश नहीं हुई तो किसानों की परेशानी और बढ़ सकती है.

रतनपुर में खेतों में पड़ीं बड़ी-बड़ी दरारें

बरियारपुर प्रखंड की रतनपुर पंचायत के धान के खेतों में भी बारिश की कमी का असर साफ दिखाई दे रहा है. खेतों में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ चुकी हैं. किसानों को आशंका है कि समय पर बारिश नहीं हुई तो खेतों में लगी धान की फसल सूखकर बर्बाद हो सकती है.

किसान कारू मंडल, शंभू, जोकर, दिलीप और ललित सहित अन्य किसानों ने बताया कि किसी तरह धान की रोपाई तो कर दी गयी, लेकिन फसल के लिए पर्याप्त बारिश नहीं हुई. पानी की कमी के कारण खेतों में दरारें पड़ गयी हैं.

ऋषिकुंड के पानी से भी नहीं मिल पा रहा सहारा

किसानों ने बताया कि पहले ऋषिकुंड से आने वाले पानी का इस्तेमाल धान के खेतों की सिंचाई के लिए किया जाता था, लेकिन इस बार इसका लाभ भी नहीं मिल पा रहा है. किसानों के अनुसार गंगा किनारे बनाए जा रहे मरीन ड्राइव के निर्माण के लिए रतनपुर बहियार के नाले के ऊपर ठेकेदार द्वारा डिपो बनाए जाने से पानी के प्रवाह में भी परेशानी हो रही है.

किसानों ने प्रशासन से खेतों की सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी की व्यवस्था कराने और बारिश नहीं होने की स्थिति में वैकल्पिक सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है.


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लेखक के बारे में

By संजीव कुमार

संजीव कुमार प्रिंट माध्यम में 15 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. बरियारपुर (भागलपुर) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक कार्यों, शिक्षा, राजनीति व खेल में रुचि रखते हैं.

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