Jamalpur Train News: मालदा टाउन से किऊल जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस में एक यात्री के बैग की तलाशी ने शराब तस्करी का खुलासा कर दिया. रेलवे सुरक्षा बल की सीआईबी टीम ने ट्रेन एस्कॉर्ट पार्टी की मदद से चलती ट्रेन में कार्रवाई करते हुए 15 बोतल विदेशी शराब बरामद की. मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है.
कार्रवाई उस समय हुई, जब 13409 अप मालदा टाउन-किऊल इंटरसिटी एक्सप्रेस बरियारपुर रेलवे स्टेशन पहुंची थी. आरपीएफ के अनुसार, गुप्त सूचना के आधार पर टीम पहले से संदिग्ध यात्री पर नजर रख रही थी.
बैग लेकर जनरल कोच में सफर कर रहा था युवक
आरपीएफ पोस्ट जमालपुर के इंस्पेक्टर सूचित कुमार यादव ने बताया कि सीआईबी इंस्पेक्टर सुधांशु कुमार सुधा के नेतृत्व में टीम ने जनरल क्लास के एक कोच में संदिग्ध व्यक्ति को देखा.
वह एक बैग लेकर यात्रा कर रहा था. संदेह होने पर टीम ने उसके बैग की तलाशी ली. तलाशी के दौरान बैग से अलग-अलग क्षमता की कुल 15 बोतल विदेशी शराब बरामद हुई.
बरामद शराब में 750 एमएल की 7 बोतल रॉयल स्टैग डीलक्स व्हिस्की, 375 एमएल की 7 बोतल रॉयल स्टैग डीलक्स व्हिस्की और 300 एमएल की 1 बोतल रॉयल झारखंड डीलक्स व्हिस्की शामिल है.
मिर्जाचौकी से शराब लेकर मुंगेर जा रहा था
पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह शराब की खेप झारखंड के मिर्जाचौकी से खरीदकर लाया था और इसे बिक्री के लिए मुंगेर ले जा रहा था.
गिरफ्तार आरोपी की पहचान झारखंड के साहिबगंज जिले के मिर्जाचौकी बरतला निवासी 38 वर्षीय विष्णु प्रसाद बरनवाल के रूप में हुई है. वह रामचंद्र बरनवाल का पुत्र है.
आरपीएफ के अनुसार, तलाशी के दौरान आरोपी के पास से कोई वैध रेल यात्रा टिकट भी नहीं मिला.
ट्रेन में शराब की खेप, आरपीएफ की नजर से नहीं बच सका
रेल मार्ग से शराब की तस्करी रोकना रेलवे सुरक्षा बल और उत्पाद विभाग के लिए लगातार चुनौती बना हुआ है. ऐसे में गुप्त सूचना के आधार पर ट्रेन के भीतर की गयी यह कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
तस्कर को शराब के साथ गिरफ्तार करने के बाद आरपीएफ टीम उसे रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट जमालपुर लेकर पहुंची. आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी और बरामद शराब को आगे की कार्रवाई के लिए उत्पाद थाना मुंगेर को सौंप दिया गया.
Jamalpur Train News: उत्पाद थाना मुंगेर में दर्ज हुआ मामला
आरपीएफ के मुताबिक, मामले में उत्पाद थाना मुंगेर में कांड संख्या 184/26 दर्ज किया गया है. अब उत्पाद विभाग आरोपी से पूछताछ के आधार पर शराब की खेप के स्रोत और संभावित खरीदारों के संबंध में आगे की जांच कर सकता है.
इस कार्रवाई से यह भी सामने आया है कि शराब तस्कर रेल मार्ग का इस्तेमाल खेप को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने के लिए कर रहे हैं. ऐसे में ट्रेनों में नियमित जांच और खुफिया सूचना पर कार्रवाई तस्करी पर अंकुश लगाने में अहम भूमिका निभा सकती है.
