सात दिवसीय युवा आपदा मित्र प्रशिक्षण कार्यक्रम डीजे कॉलेज ऑडिटोरियम में आरंभ
मुंगेर. मुंगेर विश्वविद्यालय एनएसएस इकाई द्वारा सात दिवसीय युवा आपदा मित्र आवासीय प्रशिक्षण के उद्घाटन सत्र का आयोजन मंगलवार को आरडी एंड डीजे कॉलेज ऑडिटोरियम में किया गया. इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का विषय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन है. उद्घाटन सत्र का औपचारिक शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन, विश्वविद्यालय के कुलगीत और राष्ट्रीय सेवा योजना गीत के साथ हुआ.कार्यक्रम की जानकारी देते एनएसएस कोऑर्डिनेटर मुनींद्र कुमार सिंह ने बताया कि सात दिवसीय युवा आपदा मित्र आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा प्रायोजित है. इसके तहत युवाओं को 13 अप्रैल तक इसका प्रशिक्षण दिया जायेगा. इस कार्यक्रम का आयोजन मुंगेर और खगड़िया जिला में किया जा रहा है. जहां कुल 200 प्रशिक्षुओं को स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (एसडीआरएफ) द्वारा प्रशिक्षण दिया जायेगा.
एमयू के सेलेबस में आपदा जोखिम प्रबंधन शामिल
कुलपति प्रो संजय कुमार ने कहा कि एनईपी-2020 के अंतर्गत चार वर्षीय स्नातक सीबीसीएस के एईसी-3 में आपदा जोखिम प्रबंधन को पाठ्यक्रम के रूप में मुंगेर विश्वविद्यालय में लागू है. वैश्विक समकालीन समय में आपदा प्रबंधन अधिक प्रासंगिक हो गया है. इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत थ्योरी और प्रैक्टिकल में समन्वय स्थापित होगा. साथ ही छात्र-छात्राओं में आपदा प्रबंधन के कौशल का विकास होगा. कुलसचिव डॉ घनश्याम राय ने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम बिहार सरकार की रोजगारोन्मुखी है. डीएसडब्ल्यू प्रो महेश्वर मिश्र ने विश्वविद्यालय में एक्स्ट्रा कैरिकुलर एक्टिविटीज में छात्रों की सहभागिता में संवर्धन की चर्चा की. साथ ही वर्तमान में समाज में वैचारिक आपदा पर अपना दर्शन प्रकट किया. कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो डॉ बिजेंद्र कुमार ने समाज में एनएसएस की भूमिका का वर्णन किया. मंच संचालन डॉ चंदन कुमार ने किया.
दूसरे सत्र में प्रशिक्षकों द्वारा प्राकृतिक और मानव निर्मित आपदा से बचाव और प्रबंधन पर व्यावहारिक ज्ञान प्रदान किया गया. प्रशिक्षकों में एसडीआरएफ के अनुपम कुमार पंडित, शत्रुधन कुमार, राजू कुमार, रितेश कुमार, खुशबू कुमारी, प्रीति कुमारी शामिल थी. कार्यक्रम को सफल बनाने में एनएसएस कार्यालय कर्मी सौरभ शांडिल्य, सुशांत, विमलेश, मृत्युंजय, अभिजीत राज, डॉ संजय मांझी, डॉ अनीश अहमद, डॉ सुभम कुमार, डॉ प्रियरंजन तिवारी, डॉ अंशु राय, डॉ प्रभाकर पोद्दार, बीआरएम की प्रभारी प्राचार्या डॉ नेहा कुमारी ने अहम भूमिका निभाई.