शहरी जलापूर्ति योजना पर दो दशक में करीब 300 करोड़ खर्च, शहरवासियों की नहीं बुझ पा रही प्यास

गंगा तट पर बसे मुंगेर में वर्ष 2007 से लेकर अब तक शहरी जलापूर्ति व्यवस्था पर विभिन्न योजनाओं के तहत करीब 300 करोड़ रुपये खर्च किये गये.

मुंगेर. अमृत योजना के तहत 198.76 करोड़ भी हो गये खर्च, अब निगम 3.49 करोड़ से लगायेगी समरसेबल

पानी के लिए पानी की तरह बहाया जा रहा है पैसा, परिणाम आज भी वही

मुंगेर. गंगा तट पर बसे मुंगेर में वर्ष 2007 से लेकर अब तक शहरी जलापूर्ति व्यवस्था पर विभिन्न योजनाओं के तहत करीब 300 करोड़ रुपये खर्च किये गये. बावजूद 2026 में भी शहरवासियों की प्यास नहीं बुझ पा रही है. 3 लाख 19 हजार से अधिक जनसंख्या वाले इस शहर में एक लाख लोगों को भी शुद्ध पेयजल मुहैया नहीं हो पा रही है. एक बार फिर नगर निगम मुंगेर में जल संकट को दूर करने के लिए 3.49 करोड़ रुपये से समरसेबल प्याऊ अधिष्ठान करने जा रही है, जबकि शहर में पहले से ही 100 के करीब समरसेबल प्याऊ अधिष्ठपित है. कुल मिला कर कहा जाये तो पानी के लिए पानी की तरह पैसा बहाया जा रहा है. लेकिन परिणाम आज भी वही है. सुबह होते ही यहां पानी के लिए जद्दोजहद शुरू हो जाती है.

अमृत योजना पर 198.76 करोड़ खर्च, फिर भी नहीं बुझी प्यास

मुंगेर शहर को अमृत योजना में शामिल करते हुए नयी शहरी पेयजलापूर्ति योजना प्रारंभ की गयी थी. 198.76 करोड़ रुपये इस योजना पर खर्च किया गया. पानी की आपूर्ति बताकर उसका ऑपरेशन एंड मेंटनेंस कार्य भी डेढ-दो साल से शुरू कर दिया, क्योंकि निर्माण एजेंसी को ही पांच वर्षों तक इसकी देखभाल करनी है. बुडको और निर्माण करने वाली जेएमसी एजेंसी की माने तो शहर के 45 वार्ड में मात्र 32 वार्ड में उनको पांच जलमीनार के माध्यम से पानी की सप्लाई करनी है. 39 हजार 921 घरों में दो टाइम पानी की सप्लाई की जानी है, लेकिन हकीकत यह है कि 10 हजार घरों में भी पानी नहीं पहुंच रही है. इतना ही नहीं लगभग 10 हजार ऐसे घर है, जिन्हें अभी तक कनेक्शन भी नहीं दिया गया है. बुडको से मिली जानकारी के अनुसार, एक टाइम सुबह में 8 बजे से 9 बजे के बीच पानी की आपूर्ति पांच टॉवरों से की जाती है.

पहले भी पानी पर हो चुका है करोड़ों की राशि खर्च

मुंगेर शहरवासियों को कस्तूरबा वाटर वर्क्स के द्वारा गंगा नदी के जल को शुद्ध कर शहरवासियों को पाइप द्वारा जल उपलब्ध कराया जा रहा था. उस समय शहर में जलापूर्ति को लेकर छह टावर कार्यरत थे. वर्तमान समय में उस छह टावर में से मात्र दो टावर कार्यरत हैं. काफी समय तक मुंगेर शहरी क्षेत्र में पानी आपूर्ति ठप रही. इसके बाद शहरी जलापूर्ति को सुदृढ़ करने की योजना बनी और नगर विकास विभाग ने सुदृढ़ जलापूर्ति व्यवस्था के लिए वर्ष 2007 शहरी जलापूर्ति योजना शुरू किया. पीएचईडी की देखरेख में जिंदल ने अक्तूबर 2018 में कार्य पूर्ण भी कर लिया. पीएचईडी 13 वार्ड 1, 8, 10, 11, 12, 18, 19, 20, 29, 30, 31, 32 व 33 वार्ड में पानी की सप्लाई कर रही थी, लेकिन ठेकेदारी प्रथा की भेंट चढ़ी योजना ने कुछ दिनों में ही दम तोड़ दिया और इन वार्डों में पानी की सप्लाई अब भी बंद है. हालांकि, फरवरी 2025 में विभागीय निर्देश पर पीएचईडी ने अपनी योजना नगर निगम मुंगेर को हैंडओवर कर दिया था.

अब नगर निगम पानी पर करने जा रही 3.49 करोड़ रुपये खर्च

मुंगेर शहर में नगर निगम और सांसद व विधायक मद से करीब 100 से अधिक समरसेबल लगा हुआ है. अरबों की अमृत योजना संचालित हो रही है. बावजूद नगर निगम मुंगेर ने एक बड़ा निर्णय लिया है. इसके तहत नगर निगम के सभी 45 वार्ड में 8 वार्ड को छोड़ कर सभी वार्ड में दो-दो समरसेबल प्याऊ अधिष्ठापित किया जायेगा. इसे लेकर निगम ने निविदा भी प्रकाशित करा रखा है. 54 ग्रुप में निकले इस निविदा के अनुसार 45 वार्ड में 99 समरसेबल प्याऊ अधिष्ठापित किया जायेगा. इस पर नगर निगम मुंगेर 3 करोड़ 49 लाख 68 हजार 100 रुपये छठा मद, 15वीं मद व आंतरिक संसाधन मद की राशि खर्च किया जायेगा. संवेदक के लिए निविदा अपलोड करने की अंतिम तिथि 16 अप्रैल निर्धारित किया गया है, जबकि 17 अप्रैल को निविदा खोला जायेगा.

सवालों के घेरे में नगर निगम का निविदा

नगर निगम की ओर से सभी 45 वार्ड में कुल 99 जगहों पर समरसेबल प्याऊ अधिष्ठापन को लेकर निविदा प्रकाशित किया है. इस पर लोग सवाल उठाने लगे है. शहरवासियों का आरोप है कि सभी पानी की योजनाएं मुंगेर में पूरी तरह से फैल रही है. तभी तो एक बार फिर पानी के नाम पर नगर निगम करोड़ों खर्च करने जा रही है. होना तो यह चाहिए था कि वरीय अधिकारी अब तक जो राशि पानी पर खर्च हुए, उसी को सुदृढ़ कराते, लेकिन नगर निगम ने जिम्मेदार की भूमिका से हट कर समरसेबल प्याऊ अधिष्ठापन करने पर अधिक ध्यान दिया है. इस पर एक बार फिर 3.49 करोड़ खर्च किये जायेंगे.

कहते हैं बुडको के परियोजना निदेशक

अमृत योजना के तहत वर्तमान समय में शहर में 39 हजार 921 घरों में कनेक्शन दिया गया है. 30 वार्डों में एक टाइम सुबह में पांच जलमीनारों के माध्यम से पानी की सप्लाई वर्तमान में हो रही है.

सत्येंद्र प्रसाद, बुडको के परियोजना निदेशक

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By BIRENDRA KUMAR SING

BIRENDRA KUMAR SING is a contributor at Prabhat Khabar.

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