खुशी पढ़ाई के साथ ही विद्या की देवी सरस्वती की प्रतिमा को दे रही अंतिम रूप

पूजा के लिए अधिक संख्या में मूर्तियों की मांग होने के कारण वह पिछले डेढ़ महीने से लगातार प्रतिमा निर्माण में लगी हुई है.

धरहरा कहते हैं कि हुनर किसी का मोहताज नहीं होता, बस उसे निखरने का अवसर मिलना चाहिए. इसे चरितार्थ कर रही है धरहरा प्रखंड के ईटवा गांव की स्कूली छात्रा खुशी कुमारी. जो पढ़ाई के साथ ही सरस्वती पूजा के अवसर पर अपने हाथों से माता सरस्वती की प्रतिमा तैयार कर रही है. धरहरा प्रखंड के विभिन्न इलाकों में सरस्वती पूजा को लेकर जहां अनुभवी कारीगर प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं. वहीं ईटवा गांव में खुशी कुमारी अपने छोटे भाई-बहनों के सहयोग से मां सरस्वती की मूर्ति को आकार दे रही है. मिट्टी से लेकर रंग-रोगन तक, प्रतिमा निर्माण की हर प्रक्रिया में उसकी मेहनत और रचनात्मकता साफ झलकती है. खुशी कुमारी ने बताया कि इस बार पूजा के लिए अधिक संख्या में मूर्तियों की मांग होने के कारण वह पिछले डेढ़ महीने से लगातार प्रतिमा निर्माण में लगी हुई है. इसके बावजूद उसने अपनी पढ़ाई को कभी नजरअंदाज नहीं किया. स्कूल के समय के बाद और खाली समय में वह मूर्ति निर्माण का कार्य करती है. ग्रामीणों का कहना है कि खुशी की कला देखकर हर कोई आश्चर्यचकित है. कम उम्र में इतना सुंदर और सजीव स्वरूप गढ़ पाना उसके हुनर और समर्पण को दर्शाता है. लोग उसकी मेहनत की सराहना कर रहे हैं और उसके उज्वल भविष्य की कामना कर रहे हैं.

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By BIRENDRA KUMAR SING

BIRENDRA KUMAR SING is a contributor at Prabhat Khabar.

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