Munger Tourism: हवेली खड़गपुर (मुंगेर). खड़गपुर झील को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए किए गए विकास कार्य अब सवालों के घेरे में हैं. झील परिसर में लगाई गई प्रकाश व्यवस्था के अधिकांश उपकरण या तो खराब पड़े हैं या नियमित रूप से काम नहीं कर रहे हैं. इससे शाम के समय यहां आने वाले पर्यटकों को अंधेरे के कारण असुविधा झेलनी पड़ रही है.
लाखों खर्च के बाद भी नहीं मिल रही पर्याप्त रोशनी
झील परिसर में आकर्षक वातावरण बनाने के लिए स्ट्रीट लाइट, हाईमास्ट लाइट और सोलर स्ट्रीट लाइट लगाई गई थीं. लेकिन वर्तमान में अधिकांश लाइटें बंद पड़ी हैं. कुछ लाइटें बीच-बीच में जलती और बुझती रहती हैं, जबकि कई सोलर लाइटें पूरी तरह निष्क्रिय हैं. इससे विकास कार्यों की गुणवत्ता और रखरखाव व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं.
अंधेरा होते ही लौटने लगते हैं पर्यटक
खड़गपुर झील प्राकृतिक सौंदर्य के कारण स्थानीय लोगों के साथ-साथ आसपास के जिलों से आने वाले पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र है. बड़ी संख्या में लोग शाम के समय यहां घूमने और झील का आनंद लेने पहुंचते हैं. लेकिन प्रकाश व्यवस्था खराब रहने के कारण अंधेरा होने से पहले ही लोगों को वापस लौटना पड़ता है.
नौका विहार शुरू, लेकिन मूल सुविधाएं अधूरी
हाल के दिनों में झील में नौका विहार और बोटिंग सुविधा का शुभारंभ किया गया था. उपमुख्यमंत्री सह तारापुर विधायक सम्राट चौधरी ने भी झील क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण कर इसके समग्र विकास की रूपरेखा पर अधिकारियों के साथ चर्चा की थी. इसके बावजूद बुनियादी सुविधाओं की बदहाल स्थिति पर्यटन विकास की गति पर सवाल खड़े कर रही है.
उच्चस्तरीय जांच की उठी मांग
Munger Tourism: नगर परिषद के उपमुख्य पार्षद दीपक यादव ने कहा कि झील परिसर में कराए गए विकास कार्यों की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि खराब पड़ी स्ट्रीट लाइटें विकास कार्यों में अनियमितता की ओर संकेत करती हैं. उन्होंने सरकार और प्रशासन से पूरे विकास कार्यों की उच्चस्तरीय जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की.
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