Guru Purnima 2026 : बुधवार सुबह से ही असरगंज होकर गुजरने वाले कांवरिया पथ पर श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती रही. केसरिया वस्त्र, कंधे पर कांवर और गले में रुद्राक्ष की माला पहने शिवभक्त ‘बोल बम’ के जयघोष के साथ बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर बढ़ते नजर आए. श्रावणी मेले से पहले पड़ने वाली इस पूर्णिमा पर दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं के साथ स्थानीय कांवरियों में भी खास उत्साह दिखाई दिया.
30 वर्षों से हर पूर्णिमा देवघर पहुंच रहे हैं अरुण बाबा
भागलपुर के नवगछिया निवासी अरुण बाबा इस यात्रा के सबसे चर्चित श्रद्धालुओं में रहे. पांच फीट से अधिक लंबी जटा, हाथ में कमंडल और कंधे पर गंगाजल लेकर चल रहे अरुण बाबा ने बताया कि वह पिछले 30 वर्षों से हर पूर्णिमा पर पैदल बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचकर जलाभिषेक करते हैं. उन्होंने कहा कि जेठ की भीषण गर्मी हो या पूस की कड़ाके की ठंड, उनकी यात्रा कभी नहीं रुकी. उनके अनुसार यही उनकी साधना, तपस्या और बाबा भोलेनाथ के प्रति अटूट आस्था है.
पहली सावन को करेंगे बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक
अरुण बाबा ने बताया कि इस वर्ष श्रावणी मेले की तैयारियां बेहतर दिखाई दे रही हैं. उन्होंने कहा कि सावन की पहली सोमवारी से पहले बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक करना उनके लिए वर्षों पुरानी परंपरा है, जिसे वह इस बार भी पूरी श्रद्धा के साथ निभाएंगे.
कांवरिया पथ पर दिखा भक्ति और सेवा का संगम
सुल्तानगंज के अजगैबीनाथ धाम से गंगाजल लेकर देवघर जाने वाले श्रद्धालुओं में महिलाओं और बच्चों की भी अच्छी भागीदारी देखने को मिली. पूरा कांवरिया पथ केसरिया रंग में रंगा नजर आया. जगह-जगह स्वयंसेवी संस्थाएं कांवरियों को पेयजल, शरबत, भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करा रही हैं.
प्रशासन ने किए व्यापक इंतजाम
श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने कांवरिया पथ पर पेयजल, अस्थायी शौचालय, स्वास्थ्य शिविर और रात्रि गश्त की व्यवस्था की है. अधिकारियों का कहना है कि श्रावणी मेला शुरू होने से पहले सभी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है, ताकि कांवरियों की यात्रा सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक बन सके.
