Shravani Mela: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला के चरम पर पहुंचते ही कांवरिया पथ पर शिवभक्ति के अनोखे दृश्य देखने को मिल रहे हैं. शनिवार को असरगंज के कच्ची कांवरिया पथ पर 108 किलो की बाबा भूतनाथ की विशाल मूर्ति कांवर में लेकर चल रहे श्रद्धालु आकर्षण का केंद्र बने रहे. चार कांवरिया अपने कंधों पर मूर्ति उठाकर बाबा वैद्यनाथ धाम की ओर बढ़ रहे थे. श्रद्धालुओं की भक्ति देखकर रास्ते से गुजर रहे लोग भी हैरान रह गये और उनके उत्साह की सराहना करते नजर आये.
इंट्रो:
असरगंज (मुंगेर). विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला अपने चरम पर है. सुल्तानगंज से देवघर तक कांवरियों की भक्ति और आस्था के अलग-अलग रूप देखने को मिल रहे हैं. शनिवार को असरगंज के कच्ची कांवरिया पथ पर 108 किलो की बाबा भूतनाथ की विशाल मूर्ति कांवर में लेकर जा रहे श्रद्धालु आकर्षण का केंद्र बने रहे. चार कांवरिया अपने कंधों पर मूर्ति उठाकर पैदल बाबा वैद्यनाथ धाम की यात्रा कर रहे थे.
60 कांवरियों का जत्था निकला देवघर के लिए
कोलकाता निवासी कांवरिया सुमित कपूर ने बताया कि उनके जत्थे में करीब 60 कांवरिया शामिल हैं. सभी पिछले कई वर्षों से सावन के महीने में सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर पैदल बाबा वैद्यनाथ धाम जाते हैं. उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष विशाल हनुमान की आकर्षक मूर्ति कांवर में लेकर देवघर गए थे.
डेढ़ महीने में तैयार हुई 108 किलो की मूर्ति
सुमित कपूर ने बताया कि इस वर्ष जत्थे के कांवर में बाबा भूतनाथ की 108 किलो की विशाल मूर्ति शामिल है. इसे तैयार करने में करीब डेढ़ महीने का समय लगा. मूर्ति को चार कांवरिया अपने कंधों पर उठाकर पैदल देवघर तक ले जा रहे हैं. रास्ते में इस अनोखी कांवर को देखने के लिए लोग रुककर श्रद्धालुओं की भक्ति निहार रहे हैं.
72 घंटे में बाबा को जल अर्पित करने का लक्ष्य
कांवरियों ने बताया कि उन्होंने सुल्तानगंज के अजगैबीनाथ धाम स्थित उत्तरवाहिनी गंगा तट से गंगाजल भरा और बाबा वैद्यनाथ धाम के लिए यात्रा शुरू की. उनका लक्ष्य करीब 72 घंटे में देवघर पहुंचकर बाबा पर गंगाजल अर्पित करना है. कांवरियों का कहना है कि लंबी पैदल यात्रा के बावजूद बाबा भोलेनाथ की भक्ति उन्हें लगातार आगे बढ़ने की शक्ति देती है.
महादेव का रूप धारण कर यात्रा कर रहे मनोज
असरगंज के कच्ची कांवरिया पथ पर उत्तर प्रदेश के गोरखपुर निवासी 56 वर्षीय मनोज गोस्वामी भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं. वह महादेव का रूप धारण कर बाबा वैद्यनाथ धाम की यात्रा कर रहे हैं. उनका कहना है कि इस रूप में यात्रा करने का उद्देश्य रास्ते में मिलने वाले शिवभक्तों का मनोरंजन करना और उनके चेहरे पर खुशी लाना है.
'बाबा के प्रति आस्था से मिलती है आगे बढ़ने की शक्ति'
Shravani Mela: मनोज गोस्वामी ने बताया कि भगवान भोलेनाथ के प्रति उनकी गहरी आस्था है. इसी भावना से वह महादेव का रूप धारण कर देवघर जा रहे हैं. उनका लक्ष्य बाबा वैद्यनाथ के दरबार में पहुंचकर गंगाजल अर्पित करना है. कांवरिया पथ पर उनके रूप को देखकर श्रद्धालु भी उत्साहित नजर आये.
