Jamalpur Railway Station: जमालपुर रेलवे स्टेशन पर गुरुवार को हुए निरीक्षण में टिकट जांच और यात्री सुविधाओं को लेकर कई गंभीर सवाल सामने आये. पूर्व रेलवे के प्रिंसिपल चीफ कमर्शियल मैनेजर (पीसीसीएम) उदय शंकर झा ने निरीक्षण के दौरान खुद यात्रियों के टिकट जांचे. इस दौरान द्वितीय श्रेणी प्रतीक्षालय में बैठे कई यात्री बिना टिकट मिले, जिन्हें वहां से बाहर कराया गया.
निरीक्षण के बाद पीसीसीएम ने कमर्शियल विभाग की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए दावा किया कि जमालपुर में 80 से 90 प्रतिशत रेल यात्री बिना टिकट यात्रा करते हैं. उन्होंने कहा कि प्लेटफॉर्म पर बिना टिकट यात्रियों का पहुंच जाना विभाग की बड़ी नाकामी है.
प्लेटफॉर्म पर बिना टिकट पहुंच रहे यात्री, विभाग पर उठे सवाल
पीसीसीएम उदय शंकर झा ने कहा कि उचित टिकट के बिना यात्रा करना दंडनीय अपराध है. इसके बावजूद जमालपुर स्टेशन पर यात्रियों को रोकने और टिकट की जांच की पर्याप्त व्यवस्था नहीं दिख रही है.
उन्होंने कमर्शियल विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्टेशन के अनाउंसमेंट सिस्टम से लगातार बिना टिकट यात्रा के खिलाफ जागरूक किया जाये. साथ ही प्लेटफॉर्म पर प्रवेश के दौरान टिकट जांच को प्रभावी बनाने की बात कही.
उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि यात्री बिना टिकट स्टेशन के प्लेटफॉर्म तक पहुंच जा रहे हैं, तो इसका मतलब है कि टिकट जांच की व्यवस्था ठीक से काम नहीं कर रही है.
पीसीसीएम ने खुद संभाली टिकट जांच की जिम्मेदारी
जमालपुर पहुंचे पीसीसीएम ने निरीक्षण के दौरान केवल अधिकारियों से व्यवस्था की जानकारी नहीं ली, बल्कि खुद यात्रियों के टिकट की जांच की.
उन्होंने स्टेशन के चारों प्लेटफॉर्म का बारी-बारी से जायजा लिया. द्वितीय श्रेणी प्रतीक्षालय में भी यात्रियों के टिकट की जांच की गयी. वहां कई यात्री बिना टिकट मिले. अधिकारियों ने ऐसे यात्रियों को प्रतीक्षालय से बाहर कराया.
इस कार्रवाई से स्टेशन पर टिकट जांच व्यवस्था की वास्तविक स्थिति भी सामने आयी.
यात्री ने कहा- बारिश में प्लेटफॉर्म बन जाता है झरना
निरीक्षण के दौरान एक रेल यात्री ने पीसीसीएम के सामने स्टेशन की व्यवस्था को लेकर बेबाक शिकायत रखी. यात्री ने कहा कि अधिकारी के निरीक्षण के कारण स्टेशन अभी चकाचक दिख रहा है, लेकिन बारिश के दौरान जमालपुर स्टेशन का प्लेटफॉर्म झरने की तरह टपकता है.
यात्री की शिकायत सुनकर पीसीसीएम ने तत्काल आईओडब्ल्यू अमरेश ओझा को बुलाया और उनके सामने ही प्लेटफॉर्म की स्थिति के बारे में जानकारी ली. अधिकारी ने बताया कि मरम्मत का काम चल रहा है.
इस जवाब पर पीसीसीएम नाराज हो गये. उन्होंने सवाल किया कि क्या यात्रियों की परेशानी दूर करने के लिए बारिश खत्म होने का इंतजार किया जायेगा. उन्होंने मरम्मत कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया और यात्री को जल्द समस्या दूर करने का भरोसा दिया.
चारों प्लेटफॉर्म पर व्यवस्था का लिया जायजा
पीसीसीएम ने स्टेशन निरीक्षण के दौरान शौचालय, द्वितीय श्रेणी प्रतीक्षालय, पेयजल, खान-पान स्टॉल, सूचना पट्ट, प्रकाश व्यवस्था और साफ-सफाई की स्थिति देखी.
उन्होंने अधिकारियों को यात्रियों की सुविधाओं को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया. निरीक्षण का मकसद केवल कमियां तलाशना नहीं, बल्कि स्टेशन पर यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं और व्यावसायिक व्यवस्था को बेहतर करना भी रहा.
इरिमी में व्याख्यान के बाद पहुंचे स्टेशन
पीसीसीएम उदय शंकर झा गुरुवार सुबह जमालपुर पहुंचे. सबसे पहले उन्होंने भारतीय रेल यांत्रिक एवं विद्युत अभियंत्रण संस्थान (इरिमी) के सभागार में व्याख्यान दिया. इसके बाद वे जमालपुर रेलवे स्टेशन के निरीक्षण के लिए पहुंचे.
स्टेशन पर उन्होंने अधिकारियों के साथ विभिन्न व्यवस्थाओं की जानकारी ली और कई स्थानों पर मौके पर ही सुधार के निर्देश दिये.
बिना टिकट यात्रा रोकना होगी बड़ी चुनौती
जमालपुर जैसे महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन पर यदि बड़ी संख्या में यात्री बिना टिकट प्लेटफॉर्म तक पहुंच रहे हैं, तो यह रेलवे की राजस्व व्यवस्था के साथ-साथ सुरक्षा और प्रबंधन से जुड़ा विषय भी है. टिकट जांच की व्यवस्था मजबूत होने से बिना टिकट यात्रा पर रोक लगायी जा सकती है.
पीसीसीएम के निरीक्षण के बाद अब देखना होगा कि कमर्शियल विभाग टिकट जांच को कितना प्रभावी बनाता है और स्टेशन पर नियमित अनाउंसमेंट व प्रवेश जांच की व्यवस्था कितनी सख्ती से लागू होती है. साथ ही यात्रियों की ओर से उठायी गयी बारिश में प्लेटफॉर्म टपकने की शिकायत पर मरम्मत कार्य कितनी तेजी से पूरा होता है, यह भी महत्वपूर्ण होगा.
Jamalpur Railway Station: ये अधिकारी रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान स्टेशन प्रबंधक दीपक कुमार, सीएचआई पंकज कुमार, पार्सल बाबू बुलबुल कुमार, एसीएम तापस दास, सीएमआई संजीव कुमार गुप्ता, सीआईटी सुमन शर्मा, आरपीएफ के एएससी हीरा प्रसाद सिंह और इंस्पेक्टर सुजीत कुमार यादव सहित कई रेल अधिकारी मौजूद थे.
